पंजाब कमाने गया था, गांव लौटा तो एक पैर नहीं था... दरभंगा के मजदूर की दर्दनाक कहानी

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पंजाब में ट्रैक्टर की चपेट में आए अलीनगर के चार मजदूर, एक का काटना पड़ा पैर

एक पैर कटने के बाद घर पहुंचा सुबोध बिस्तर पर साथ में पत्नी व बच्चे

पंजाब में मजदूरी करने गए अलीनगर प्रखंड के श्यामपुर गांव के चार मजदूर सड़क हादसे का शिकार हो गए. गंभीर रूप से घायल एक मजदूर का पैर काटना पड़ा, जिससे उसके परिवार पर रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है. इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Darbhanga News: रोजगार की तलाश में पंजाब गए अलीनगर प्रखंड के श्यामपुर गांव के चार प्रवासी मजदूर सड़क हादसे का शिकार हो गए. हादसे में सबसे गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय सुबोध यादव का दाहिना पैर बचाया नहीं जा सका. चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (PGIMER) में इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा. शनिवार को परिजन उन्हें गांव लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है.

धान की रोपनी के काम पर गए थे मजदूर

सुबोध यादव ने बताया कि वह करीब एक महीने पहले गांव के अन्य मजदूरों के साथ पंजाब के अड्डा बाजार क्षेत्र में धान रोपनी के काम के लिए गए थे.

28 जून की रात सभी मजदूर धान का बिचड़ा तैयार करने के बाद लौट रहे थे. रास्ते में सड़क किनारे कुछ देर आराम करने के दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी. हादसे में सुबोध का दाहिना पैर बुरी तरह कुचल गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं.

स्थानीय लोगों ने बेहोशी की हालत में सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी.

चार मजदूर हुए घायल

इस हादसे में श्यामपुर गांव के चार मजदूर घायल हुए हैं.

  • सुबोध यादव (30) – इलाज के दौरान दाहिना पैर काटना पड़ा.
  • कपिलदेव मुखिया (40) – पैर टूट गया, ऑपरेशन कर स्टील रॉड लगाई गई.
  • ललित सदा (50) – गंभीर रूप से घायल.
  • मंगाराम यादव (45) – गंभीर रूप से घायल.

परिवार पर टूटा संकट

सुबोध की पत्नी रंगीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि पति के पैर कट जाने के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

दंपती के दो बेटे (8 और 6 वर्ष) तथा डेढ़ वर्ष की एक बेटी है. अब पूरे परिवार के भरण-पोषण की चिंता उन्हें सता रही है.

पलायन की मजबूरी फिर आई सामने

श्यामपुर गांव के अधिकांश परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं. स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण बड़ी संख्या में लोग हर साल पंजाब और अन्य राज्यों में काम करने जाते हैं.

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों की असुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. गांव में इस घटना के बाद शोक और चिंता का माहौल है.

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M.D. Aizuddin Sarim

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