Darbhanga News: हायाघाट. जीवन में शिक्षा का अहम स्थान है. समाज तथा सामाजिक संरचना के निर्माण में शैक्षणिक स्तर का उंचा होना आवश्यक है. उमा बाबू व्याख्याता होने के साथ-साथ कुशल समाजसेवी तथा बहुआयामी व्यक्तित्व के सुलझे राजनेता भी थे. ईमानदारी, सादगी, त्याग और सहिष्णुता जैसी आंतरिक गुणों को समाहित कर शिक्षा, समाज और अपनी लोक-संस्कृति के लिए जीवनपर्यंत समर्पित रहे. वर्तमान पीढ़ी तथा आधुनिक समाजसेवियों को उनके पदचिन्हों पर चलते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए आगे आना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. ये बातें शिक्षाविद्, समता पार्टी के संस्थापक सदस्य व जदयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. उमाकांत चौधरी की 93वीं जयंती पर विशनपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिशनपुर में आयोजित कार्यक्रम में कासिंदसं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने कही. रमेश नारायण चौधरी की अध्यक्षता तथा पल्स टू की शिक्षिका पूजा प्रियदर्शिनी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. उमाकांत चौधरी मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में मैट्रिक की परीक्षा में बेनीपुर व हायाघाट विधानसभा में पहली, दूसरी तथा तीसरी स्थान प्राप्त करनेवाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. पहले स्थान लाने वाले को 10 हजार, दूसरे स्थान वाले को पांच हजार तथा तीसरे स्थान वाले को तीन हजार रुपये का चेक समेत प्रशस्ति पत्र सौंपा गया. साथ ही स्कूल बैग, कलम-कॉपी वगैरह से उत्साहित किया गया. इस अवसर पर पहला स्थान लाने वाली पल्स टू देव नारायण उवि पंचोभ के छात्र रत्नेश कुमार को उमाकांत-तारा सम्मान, दूसरा स्थान लाने वाले वि गोढ़ियारी की छात्रा सादिया नसीम को जगदीश केवल सम्मान तथा तीसरा स्थान प्राप्त करनेवाले पल्स टू महंत कर्ण उवि हायाघाट के लव कुमार को किशोर सम्मान दिया गया. इसी प्रकार अन्य छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया. इन छात्रों को कासंदसिं के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय, फाउंडेशन के संरक्षक विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू, एजाज अहमद सहित विभिन्न अतिथियों के द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा चेक देकर प्रोत्साहित किया गया. वहीं छात्र-छात्राओं को उत्साहित करते हुए सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि नई पीढ़ी के राजनेताओं को उमबाबू के जीवन से सीखने की जरूरत है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समता पार्टी के स्थापना के समय से जो काम उन्होंने किया, वह अनुकरणीय है. जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने कहा कि उमाबाबू विद्वान पुरुष थे. समाज के हर वर्ग में उनकी पकड़ थी. कार्यक्रम का प्रारंभ विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी सहित आगत अतिथियों द्वारा उमाबाबू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. विधायक प्रो. चौधरी ने उमाबाबू के राजनीतिक विरासत को खुद के लिए सबसे बड़ी पूंजी बताया. कहा कि झूठ और भ्रष्टाचार से समझौता किये बिना इस फाउंडेशन के बैनर तले छात्र-छात्राओं को उत्साहित करते रहेंगे. उन्होंने सामाजिक जीवन के बीच उमाबाबू के सिद्धांतों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हार के बावजूद उन्होंने जीत के लिए अधर्म का सहारा नहीं लिया. यही कारण है कि आज उन्हें अपने पिता के सामाजिक जीवन पर गर्व है. डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने उमाबाबू के संस्मरणों की चर्चा करते हुए कहा कि एक शिक्षक होने के साथ-साथ वे सामाजिक परिवर्तन के सबसे बडे समर्थक थे. इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों को पाग एवं अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पूर्व डीइओ केएन सदा, डीपीओ अवधेश कुमार, बीपीएम विजय कुमार राय, बेनीपुर के प्रमुख चौधरी मुकुंद राय, एजाज अख्तर खान उर्फ रोमी खान, शैलेन्द्र चौधरी, पंकज चौधरी, स्थानीय मुखिया राजकुमार चौधरी, रामनरेश चौधरी, मिंटू लाल देव, अभिलेश चौधरी, डॉ परमानंद झा, पूर्व मुखिया रामपुर चौधरी, रमेश चौधरी आदि मौजूद थे.
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