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कुवैत अग्निकांड में जान गंवाने वाले कालू खान का शव 14 दिन बाद पहुंचा दरभंगा, अगले महीने थी शादी

कुवैत में एक रिहायशी इमारत में लगी आग में कई भारतीय मजदूरों की मौत हो गई थी. इनमें से एक दरभंगा जिला निवासी मदीना खातून का बड़ा बेटा कालू खान भी था, जो इस आग का शिकार हो गया था. उसका शव 14 दिन बाद घर पहुंचा

Kalu Khan Dies In Kuwait Fire: बिहार के दरभंगा जिले के नैनाघाट गांव के रहने वाले कालू खान की भी कुवैत अग्निकांड में मौत हो गई थी. मौत के 14 दिन बाद उनका शव घर पहुंचा. शव पहुंचते ही सैकड़ों ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और घर में एक बार फिर कोहराम मच गया. कालू खान की जुलाई में शादी होनी थी और वह निकाह के लिए घर आने वाले थे. लेकिन उससे पहले ही कालू का जनाजा आ गया.

इससे पहले 2022 में घर आया था कालू

कालू अपने तीन भाइयों में मझला भाई था. उसकी तीन बहनें थीं. एक बहन की पहले ही मौत हो चुकी थी, और वह उसके बेटे की देखभाल करता था. घर में कमाने वाला कालू ही था, जो परिवार का भरण-पोषण करता था. वह अगस्त 2022 में आखिरी बार गांव आया था और कुछ दिन गांव में रहने के बाद वापस कुवैत चला गया था. उसके पिता इस्लाम की भी 2011 में मौत हो गई थी. कालू काफी समय से कुवैत में रहकर काम कर रहा था. वह वहां एक सुपरमार्केट में सेल्समैन का काम करता था.

मुआवजे और नौकरी की मांग

ग्रामीण पप्पू खान ने कहा कि मोदी सरकार का दूतावास पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है. इतनी बड़ी घटना हो जाती है और 14 दिन बाद मृतक का शव उसके पैतृक गांव नैनाघाट पहुंचता है. यह बहुत ही दुखद है. हम सरकार से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपए मुआवजा मिले. जिससे परिवार का भरण पोषण हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि जब कालू का शव पहुंचा तो स्थानीय थाने के एक अधिकारी और एक श्रम अधिकारी मौजूद थे.

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