बिहार के इस जिले में स्थित है बिल्कुल दिल्ली जैसा लालकिला, जानिए कब हुआ था निर्माण

Updated at : 30 Aug 2025 4:10 PM (IST)
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darbhanga fort

दरभंगा फोर्ट की तस्वीर

Bihar Tourism: दिल्ली का लाल किला जितना खास है, वैसे ही दरभंगा में भी एक शानदार किला मौजूद है. इसे दरभंगा महाराज ने 1934 में बनवाया था. यह किला तीन दिशाओं से घिरा हुआ है. किले के मुख्य द्वार पर वास्तुकला का अद्भुत नजारा आपको देखने को मिलेंगे.

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Bihar Tourism: दरभंगा जिले में 45 एकड़ में फैला एक भव्य किला है, जिसका निर्माण दरभंगा महाराज ने 1934 में शुरू कराया था. तीन दिशाओं से घिरा हुआ है और जैसे ही चौथी दिशा का काम शुरू हुआ, देश आज़ाद हो गया. आज़ादी के बाद नई सरकार ने रियासत और जमींदारी व्यवस्था खत्म कर दी, और किले का काम वहीं थम गया. यह किला दरभंगा की शान माना जाता है, मगर देखरेख नहीं होने के कारण धीरे-धीरे अपना वजूद खोने लगा है.

1934 में हुआ था निर्माण

साल 1934 में दरभंगा महाराज ने इस किले के निर्माण की शुरुआत की थी. लाल ईंटों से बने इस किले को अपनी भव्यता और अद्वितीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है.  इसे दरभंगा का गौरव कहा जाता है, क्योंकि यह न केवल एक किला है, बल्कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक भी है.

मिथिला सांस्कृति को करता है मजबूत

दरभंगा महाराज अपने समय में भव्य निर्माण कार्यों के लिए प्रसिद्ध थे. जिसे कोई सोच भी नहीं सकता था. उनके कार्यकाल में शिक्षा, कला और संस्कृति को विशेष महत्व मिला. किले का निर्माण भी इसी सोच का हिस्सा था, जहां एक ओर यह उनकी शक्ति और प्रतिष्ठा को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को भी और मजबूत करता है.

शानदार है मुख्य द्वार

सुरक्षा के लिए इस किले के चारों ओर गहरे तालाब बनाए गए थे. किले के मुख्य द्वार पर बनी शानदार वास्तुकला इसकी भव्यता को और बढ़ाती है। हालांकि समय के साथ यहाँ पेड़-पौधे उग आए हैं, फिर भी यह किला अपनी अद्भुत कलाकारी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है.

रामबाग पैलेस के नाम से भी जाना जाता है किला

अगर दरभंगा महाराज के द्वारा निर्माण करवाए गए मिथिलांचल क्षेत्र में अलौकिक चीजों को अगर संरक्षित किया जाए तो यह पर्यटन स्थल बिहार का हो सकता है. बताया जाता है कि यह किला रामबाग किला के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसी किले के अंदर रामबाग पैलेस मौजूद है जिसका परिसर लगभग 45 एकड़ में फैला हुआ है. मिथिलांचल की अनोखी धरोहर मे शामिल है ये किला.

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JayshreeAnand

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By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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