कुशेश्वरस्थान पूर्वी में सरकारी नाव पर अवैध किराया वसूली का आरोप, बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश

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चौकिया से तटबंध पर जाते बाढ़ पीड़ित . छमता से अधिक लोग सवार नाव पर | Prabhat Khabar Network

चौकिया से तटबंध पर जाते बाढ़ पीड़ित

कुशेश्वरस्थान पूर्वी में बाढ़ के कारण लोगों को आवागमन के लिए सरकारी नाव सेवा पर निर्भर रहना पड़ रहा है. लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह सेवा केवल कागजों पर चल रही है और नाविक यात्रियों से मनमाने ढंग से पैसे वसूल रहे हैं. अवैध वसूली और ओवरलोडिंग से स्थानीय लोग परेशान हैं.

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Darbhanga News: बाढ़ प्रभावित कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में सरकारी नाव सेवा को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. लोगों का आरोप है कि अंचल प्रशासन की ओर से संचालित नि:शुल्क नाव सेवा केवल कागजों पर चल रही है, जबकि नाविक यात्रियों से 40 से 50 रुपये तक वसूल रहे हैं. सड़क संपर्क बाधित होने के कारण लोग मजबूरी में नाव से आवागमन कर रहे हैं.

Kusheshwarsthan Flood News: नाव के इंतजार में घंटों खड़े रहने को मजबूर लोग

उत्क्रमित मध्य विद्यालय बर्निया के शिक्षक घनश्याम ठाकुर और पप्पू ठाकुर ने बताया कि समय पर नाव नहीं मिलने के कारण वे नियमित रूप से विद्यालय देर से पहुंचते हैं. घनश्याम ठाकुर ने कहा कि सरकारी नाव की जानकारी तो दी गई थी, लेकिन नाविक बिना किराया लिए लोगों को पार नहीं कराते. गोबराही निवासी देव दत्त यादव ने बताया कि बीमार होने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक नाव का इंतजार करना पड़ा. उनका आरोप है कि जो लोग पैसे देते हैं, उन्हें पहले पार कराया जाता है.

अवैध वसूली और ओवरलोडिंग पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी नावों पर न तो कोई पहचान बोर्ड लगा है और न ही किराया संबंधी सूचना प्रदर्शित है. इसके कारण नाविक मनमाने तरीके से किराया वसूल रहे हैं. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. अधिकांश लोग निजी नावों के सहारे ही आवागमन कर रहे हैं.

बढ़ते जलस्तर से कई पंचायतों की परेशानी बढ़ी

कोसी और कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ने से इटहर, चौकिया, लक्ष्मीनियां, बल्थरबा पोखर, गोबराही, तिलकेश्वर, उजुआ, सिमरटोका, झाझा, गइजोडी और सुघराइन पंचायत के निचले इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है. सड़क संपर्क टूटने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.

प्रशासन और नाविकों ने क्या कहा

नाविकों का कहना है कि मोटरयुक्त नाव चलाने में डीजल और रखरखाव का खर्च अधिक आता है तथा भुगतान समय पर नहीं मिलता. वहीं सीओ राकेश रोशन भारती ने कहा कि सरकारी नावों पर पहचान चिह्न लगाया गया है. यदि कोई नाविक अवैध किराया वसूलता है तो तत्काल सूचना दें, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. एसडीओ शशांक राज ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. आरोप सही मिलने पर संबंधित नाविक का परवाना रद्द कर दूसरे नाविक को जिम्मेदारी दी जाएगी.

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संतोष पोद्दार

लेखक के बारे में

By संतोष पोद्दार

संतोष पोद्दार को पत्रकारिता का 20 वर्षों का लंबा अनुभव है. ये सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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