Darbhanga News: मनीगाछी. विशौल कमलाबाड़ी के निकट गत एक जनवरी को हुई महिला की हत्या मामले का उद्भेदन कर लिया गया है. वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा के नेतृत्व में गठित टीम काे तकनीकी सेल की जांच में हत्या का शक मृतका के सगे भाई संतोष सहनी पड़ गया था. फुलवन निवासी यदुनारायण मुखिया के पुत्र संतोष सहनी परिवार के साथ दिल्ली में रह स्कूल की गाड़ी चलाकर गुजर-वसर करता है. एसडीपीओ ने बताया कि मधुबनी जिलांतर्गत लालगंज निवासी मृतका शुभकला देवी का मायका मनीगाछी थाना क्षेत्र के फुलवन में है. शुभकला देवी द्वारा गांव के कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ली गयी थी. इसे लेकर गांव के लोग उसके भाई से तगादा करते थे. तगादा से आजिज आकर उसका भाई संतोष सहनी कई बार आत्महत्या करने पर भी उतारू हो चुका था. इसी बीच गत 31 दिसंबर को वह अपनी बहन के पास आया. लोगों का रुपया वापस करने के लिए मां-पिता के समक्ष बातचीत करने के लिए बहन को अपने घर लाना चाह रहा था, लेकिन बहन आना नहीं चाह रही थी. इसी धड़-पकड़ में बहन का गर्दन जोर से दबा दिये जाने के कारण उसकी मौत हो गयी. बहन की मौत हो जाने पर घबराकर संतोष ने शव को अपनी इको गाड़ी से लेकर कमलाबाड़ी के निकट भंवरा के नीचे फेंक दिया. उसी दिन वह अपनी गाड़ी से दिल्ली चला गया. पुलिस द्वारा गठित टीम ने दिल्ली के द्वारका से संतोष सहनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने गैर इरादतन हत्या की बात कबूल कर ली. पुलिस ने उसे गिरफ्तार करते हुए इको गाड़ी को भी जब्त कर लिया. गठित टीम में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह, एसआइ सुनील कुमार सिंह, महिला पुलिस अन्नु कुमारी, टेक्निकल सेल के एसआइ राजेश कुमार, पीटी रामबाबू तथा चालक अरशद शामिल थे. मृतका की मां फुलवन निवासी प्रमिला देवी के आवेदन पर कांड अंकित किया गया था.
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