Darbhanga News: दरभंगा. वर्षों बाद इतनी लंबी अवधि तक जिला शीतलहर की चपेट में है. तीन सप्ताह से अधिक वक्त गुजर गया, कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत नहीं मिल रही है. एक से दो दिन के लिए मौसम में हल्की गरमाहट आती है तो पुन: ठिठुरन भरी ठंड सताने लगती है. सबसे बड़ी चिंता एवं परेशानी का सबब यह है कि मौसम में सुधार के बाद पड़ने वाली ठंड पिछले दिनों की तुलना में अधिक महसूस हो रही है. कुछ ऐसा ही क्रम पिछले साल के 18 दिसंबर से अनवरत चल रहा है. गुरुवार को सुबह आसमान साफ दिखने से लोगों में राहत की उम्मीद बढ़ी. सूरज भी चमकने लगा. इसी बीच अचानक चारों तरफ घना कोहरा छा गया. सर्द पछुआ की रफ्तार तेज हो गयी. इस वजह से घर से निकले कामकाजी लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी. दरभंगा-समस्तीपुर, दरभंगा-बहेड़ी, दरभंगा-कुशेश्वरस्थान सहित फोरलेन पर तक वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया. धीमी गति से गाड़ियां सरकती रहीं. इधर ठिठुरन भरी ठंड लोगों को दिनभर सताती रही. धूप में भी गरमी का एहसास काफी कम हो रहा था. पछुआ हवा का झोंका टकराते ही गरम कपड़ों में ढके बदन में ठिठुरन शुरू हो जाती थी. शाम ढलते ही इसमें और वृद्धि हो गयी. बता दें कि बुधवार की तुलना में अधिकतम तापमान तो दो डिग्री उपर चढ़कर 18 डिग्री पर पहुंचा, लेकिन न्यूनतम तापमान में और कमी आ गयी. यह 4.5 डिग्री रिकार्ड किया गया. सनद रहे कि मौसम के इसी तेवर को देखते हुए बुधवार को एक दिन के लिए आठवीं कक्षा तक का वर्ग संचालन शुरू होने के साथ ही नौ जनवरी तक के लिए अध्यापन कार्य स्थगित कर दिया गया है. इधर मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मौसम में मकर संक्रांति तक सुधार के आसार कम हैं.
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