कूड़ा रखने को हर घर को निगम देगा दो-दो डस्टबिन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Dec 2017 5:12 AM (IST)
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नगर निगम. कचरा रखने को खरीदेगा 1.10 लाख डस्टबिन एक में रखना होगा सूखा, तो दूसरी डस्टबिन गीला कचरा के लिए कचरे को कंपोस्ट कर जैविक खाद बनाये जाने से निगम को होगी आय दरभंगा : शहरवासियों को नगर निगम जल्द ही दो डस्टबीन उपलब्ध करायेगा. इसमें एक सूखा कचरा तथा दूसरा गीला कचरा रखा […]
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नगर निगम. कचरा रखने को खरीदेगा 1.10 लाख डस्टबिन
एक में रखना होगा सूखा, तो दूसरी डस्टबिन गीला कचरा के लिए
कचरे को कंपोस्ट कर जैविक खाद बनाये जाने से निगम को होगी आय
दरभंगा : शहरवासियों को नगर निगम जल्द ही दो डस्टबीन उपलब्ध करायेगा. इसमें एक सूखा कचरा तथा दूसरा गीला कचरा रखा जायेगा. कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के नजरिये से यह पहल की जा रही है. इस कंपोस्ट के जरिये जैविक खाद बनाये जाने के प्रक्रिया जल्द ही यहां होते लोग देखेंगे.
इसे लेकर स्थानीय स्तर पर जन प्रतिनिधि व अधिकारी संवेदनशील है. बीते 18 दिसंबर को हुयी स्थायी समिति की बैठक में सदस्यों ने इस पर कार्य जल्द शुरू करने पर बल दिया था. मुजफ्फरपुर नगर निगम के तर्ज पर यहां इसकी शुरुआत हो रही है. इसके लिये इससे पूर्व कई पार्षद स्वयं मुजफ्फरपुर निगम जाकर कचरा कंपोस्ट होते देख दरभंगा नगर निगम में भी शुरू करने के पक्ष में आये. कंपोस्ट के जरिये कचरे के निस्तारण व संधारण से जहां शहर स्वच्छ व स्वस्थ रखा जा सकेगा. वहीं इस प्रक्रिया से जहां-तहां कचरे का ढेर लगने से होने वाले समस्या पर काफी हद तक लगाम लग सकेगा. वहीं लोगों को सुविधा के साथ-साथ नगर निगम को कम व्यय में अधिक आय भी होगा.
एक डस्टबिन की कीमत दो सौ रुपये: सूखा व गीला कचरा रखने के लिये दो अलग-अलग डस्टबिन का क्रय किया जाना है. एक डस्टबिन का सरकारी दर करीब दो सौ रुपये है. कुल डस्टबिन की कीमत दो लाख 21 हजार 60 रुपये खर्च आयेगी. इसके अलावा उच्च क्षमता वाले कंपोस्ट मशीन की खरीद करनी होगी. विभागीय निर्देशानुसार डस्टबिन या अन्य जरूरी सामान जेम पोर्टल से ही क्रय किया जाना है.
कचरा के लिए अलग-अलग डस्टबिन
ठोस कचरा अपशिष्ठ प्रबंधन से संबंधित सिटी स्पेसिफिक, कचरे की प्रोसेसिंग, सेग्रिगेशन के लिये सूखा व गीला अलग-अलग कचरा इकट्ठा करने को लेकर प्रत्येक घर में दो-दो डस्टबिन दी जानी है. निगम के अंतर्गत कुल 55 हजार 265 हाउस होल्ड हैं. दो-दो डस्टबिन हर घर मिलाकर कुल एक लाख 10 हजार 530 डस्टबिन की आवश्यकता होगी. इसके साथ ही कंपोस्ट के जरिये खाद बनाये जाने के लिये स्थल व क्षमता अनुसार मशीन की भी आवश्यकता है. वर्त्तमान में नगर से रोजाना 160 मीट्रिक टन कचरे का उठाव किया जाता है.
कचरे से बनेगा कंपोस्ट, होगा दोहरा लाभ
गुजरात की एजेंसी वर्तमान में मुजफ्फरपुर निगम के आठ वार्डों से सूखा व गीला कचरा दो अलग-अलग डस्टबिन में इकट्ठा कर निगम के बने शेड में जैविक खाद बनाया जाता है. कचरे के निष्पादन में जहां कम लागत लगता है, वहीं खाद की बिक्री से निगम को आय भी हो रही है. गीला कचरे को कंपोस्ट कर जैविक खाद बनाया जा सकता है. सूखा कचरा से पन्नी व प्लास्टिक की बोतलें अलग कर बिक्री की जा सकती है. इससे दिनभर कचरे के उठाव व डंपिंग ग्राउंड तक कचरा डंप करने के लिये वाहन में आने वाले खर्च में भी कमी आने से फायदा मिलेगा.
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