कमतौल : राजकीय अहल्या-गौतम महोत्सव के समापन सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद नित्यानंद राय ने उदघाटन किया. इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल जी ठाकुर, विधायक संजय सरावगी, जीवेश कुमार, पूर्व विधायक अशोक यादव, हरि भूषण ठाकुर उर्फ बचोल, हाजीपुर के विधायक अवधेश कुमार, एमएलसी अर्जुन सहनी, पूर्व एलएलसी मिश्री लाल यादव, राम कुमार झा, देव नारायण यादव, राजेन्द्र मंडल, मुरारी मोहन झा आदि मौजूद थे. अतिथियों को पाग-चादर और माला से सम्मानित किया गया.
श्री राय ने कहा कि आपलोगों ने सिर्फ अहल्या-गौतम को जोड़ने की मांग की है. आश्वस्त करता हूं कि सिर्फ़ अहल्या को गौतम से नहीं, अहल्या का उद्धार करने वाले अयोध्यावासी श्रीराम से भी जोड़ा जाएगा. इसके लिए कार्य योजना तैयार हो गयी है. असर बहुत जल्द दिखने लगेगा. उन्होंने कहा कि यहां आकर वे धन्य-धन्य हो गये. इस तपोस्थली के दर्शन और आपके प्यार ने मुझे खींच कर यहां तक ले आया. पहुंच पथ जर्जर है. उसे तो आपके विधायक चुटकी बजाते हुए करने में सक्षम हैं.
अहल्यास्थान की हो ब्रांडिंग तो मिथिला का हो जाएगा स्वत: विकास : संजय
नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार मिलकर सिर्फ पर्यटन के क्षेत्र में अहल्यास्थान का ब्रांडिंग करे, तो मिथिलांचल का स्वतः विकास हो जाएगा. बेरोजगारी दूर होगी. इसके बाद सभी वक्ताओं ने मिथिला के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार की सराहना करते हुए कहा कि हर हाल में अहल्यास्थान ही नहीं मिथिलांचल में पर्यटन का विकास होकर रहेगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष डॉ. कवीश्वर ठाकुर तथा मंच संचालन मेधा राज ने की.
कार्यक्रम के अंतिम दिन देर रात तक गीत-संगीत का कार्यक्रम जारी रहा.
गायक पवन सिंह के गीतों पर झूम उठे लोग: कमतौल. ‘लाले रंग सेनुरा हो, लाले रंग चुनरिया, से लाले रंगवा ना’ जैसे गीत-संगीत से सजी महफिल ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. गायकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की महफिल में जादुई समां बांध दिया. जब नामचीन भोजपुरी गायक पवन सिंह की बारी आई तो दर्शक दीर्घा में बैठे कई दर्शक खुद को रोक नहीं पाए. संगीतकारों व गायकों के साथ सुर-में सुर मिलाने लगे. कुछ बैठे-बैठे कदमताल मिलाते रहे.
महफिल में मौजूद कई दर्शक फिल्मी धुन पर साथ-साथ गाते और झूमते नजर आए. गायक पवन सिंह ने एक के बाद एक दिलकश गीतों ने लोगों को खुश कर दिया. उन्होंने लोगों की फरमाइश पर अपनी कुछ खास रचनाएं पेश की. गायक पवन सिंह को देखने सुनने के लिए दर्शक बेकरार थे. घोषित समय बीतने के डेढ़ घण्टे बाद थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल कायम होने लगा. प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया. आयोजक से कलाकार को मंच पर बुलाने की अपील कर अनहोनी घटना को टाल दिया. आनन फानन में गीत- संगीत का कार्यक्रम शुरू करवाया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, विधायक जीवेश कुमार आदि ने भी आनंद लिया. पूर्व में हुए महोत्सव से करीब चार गुणा बड़ा बनाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया. सैकड़ों लोग पंडाल के बाहर खड़े थे. पावर सब स्टेशन तक मेले जैसा नजारा था. देर रात तक अहल्यास्थान आने वाली सड़क पर रह-रह कर जाम लगती रही.