खतरा : स्क्रूपाइल पुल का पाया धंसा तो लगा दिया बांस, अब पानी बांस के नीचे की मिट्टी बहा ले गयी

Updated at : 02 Sep 2020 10:16 AM (IST)
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खतरा : स्क्रूपाइल पुल का पाया धंसा तो लगा दिया बांस, अब पानी बांस के नीचे की मिट्टी बहा ले गयी

पुल का पाया धंसने की सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन द्वारा बांस के खंभे को तिलावे नदी में गाड़कर पुल के पाया को रस्सी से बांध दिया गया है, ताकि पुल क्षतिग्रस्त न हो. लेकिन बाढ़ की आई विभीषिका में पानी के तेज बहाव के कारण बांस के नीचे की परत की मिट्टी को हटा ले गई. जिससे बांस के खंभे झूलते नजर आ रहे हैं.

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आशीष कुमार सिंह, बनमा ईटहरी : प्रखंड मुख्यालय के सुगमा चौक स्थित सुगमा पुल पूरी तरह जर्जर हो गया है. बनमा ईटहरी, सिमरी बख्तियारपुर से सोनवर्षा को जोड़ने के लिए तिलावे नदी पर बना स्क्रूपाइल पुल के बीच का पाया दो से तीन फीट धंस गया है. प्रशासन द्वारा धंसे हुए पुल के हिस्से को लोहे के ब्रेकर से घेर दिया गया है. ताकि कोई भी व्यक्ति धंसे हुए भाग के नजदीक नहीं जा सके. पुल के धंसे हुए भाग के दूसरे किनारे से राहगीरों का आवागमन हो रहा है.

तेज बहाव के कारण हट गयी बांस के नीचे की मिट्टी

जानकारी हो कि पुल का पाया धंसने की सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन द्वारा बांस के खंभे को तिलावे नदी में गाड़कर पुल के पाया को रस्सी से बांध दिया गया है, ताकि पुल क्षतिग्रस्त न हो. लेकिन बाढ़ की आई विभीषिका में पानी के तेज बहाव के कारण बांस के नीचे की परत की मिट्टी को हटा ले गई. जिससे बांस के खंभे झूलते नजर आ रहे हैं. जिस कारण पुल पहले से भी ज्यादा धंस गया है. पुल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उस पर छोटे से लेकर बड़े वाहनों का आवागमन जारी है. ऑटो चालक से लेकर चार पहिया वाहन पुल के एक छोड़ पर रखे पत्थर को हटाकर आवागमन करते हैं. वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. संवेदक ने नहीं बनाया डायवर्सन पुल पर आवागमन रोकने का एकमात्र विकल्प है कि पुल के दोनों छोर पर ब्रेकर लगा दिया जाये.

2017 से बन रहा है नया पुल

मालूम हो कि सोनवर्षाराज के मनोरी चौक स्थित तिलावे नदी पर बने पुल को विभाग द्वारा तोड़ दिया गया. जबकि सुगमा चौक स्थित पुल के खतरनाक साबित होने के बाद वर्ष 2017 के जून माह में नये पुल का निर्माण संवेदक लाल कंस्ट्रक्शन द्वारा प्रारंभ किया गया था. दोनों क्षेत्रों के लगभग 50 हजार लोगों की उम्मीदें नये पुल के निर्माण को लेकर बढ़ गयी थी. इकरारनामा के अनुसार पुल की 24 माह बाद यानी जून 2019 में ही पूरा किया जाना था. लेकिन विभाग व संवेदक के उदासीन रवैये के कारण समय सीमा बीत जाने के एक साल बाद भी पुल अधूरा है. मॉनसून के प्रवेश के साथ आयी बाढ़ के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ने से पुल का निर्माण कार्य पिछले छह महीनों से ठप है. नवनिर्मित सुगमा पुल के बगल से संवेदक ने डायवर्सन का निर्माण भी नहीं किया है. जर्जर पुल से जान जोखिम में डाल लोग आवाजाही करने को विवश हैं.

पुल से आवागमन बंद होने से कई गांव प्रभावित

मुखिया संघ अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि पुल से आवागमन बंद होने से बनमा ईटहरी, सोनवर्षा व सिमरी बख्तियारपुर अंचल क्षेत्र के रसलपुर, सुगमा, तरहा, सहुरिया, ठड़िया, अमाड़ी, बोहरबा, मुरली, भटौनी, मनिया, प्रियनगर, टेंगराहा, तुलसियाही, बादशाह नगर, महारस, घोड़दौर, जमालनगर, सरबेला समेत दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी को परेशानी होगी. स्थानीय सोनवर्षा निवासी भाजपा नेता मनीष कुमार ने कहा कि सुगमा पुल से सैकड़ों लोग प्रत्येक दिन सोनवर्षा बाजार विभिन्न कार्य से आते हैं. एेसे में सोनवर्षा व बनमा ईटहरी के लोग जान को जोखिम में डालकर धंसे व जर्जर पुल से आवाजाही कर रहे हैं. समय रहते अगर भारी वाहनों का आवागमन बंद नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा दुर्घटना हो सकती है.

उचक्कों ने तोड़ कर हटा दिया ब्रेकर: एसडीओ

स्थानीय विधायक रत्नेश सादा ने कहा कि सुगमा पुल के खतरनाक साबित होने पर विकल्प के तौर पर नए पुल का निर्माण किया जा रहा है. बाढ़ आने के कारण काम बंद था. उन्होंने बताया कि वहां डायवर्सन बनने योग्य नहीं है. जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है. पुल निर्माण को पुनः प्रारंभ कराने के लिए एग्जिक्यूटिव इंजीनियर और जिलाधिकारी से बात कर वस्तुस्थिति को देख काम प्रारंभ कर दिया जाएगा. वहीं सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बड़े वाहनों के आवागमन पर पूर्णत: रोक लगाने के लिए विभाग द्वारा ब्रेकर लगाया गया था. लेकिन कुछ उचक्कों ने ब्रेकर को तोड़ कर हटा दिया है. उन्होंने जल्द ब्रेकर लगाने की बात कही है. निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ करा दिया जाएगा.

posted by ashish jha

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