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पीएमसीएच में एसी मेंटनेंस पर खर्च हो रहे थे करोड़ों, नये टेंडर में 90 फीसदी कम हुई राशि, अब होगी जांच

Updated at : 17 Oct 2022 11:02 AM (IST)
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पीएमसीएच में एसी मेंटनेंस पर खर्च हो रहे थे करोड़ों, नये टेंडर में 90 फीसदी कम हुई राशि, अब होगी जांच

पीएमसीएच में एयर कंडीशन (एसी) के मेंटेनेंस के नाम पर बीते तीन सालों में लगभग 528 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो गयी. हर साल एक एसी के मेंटेनेंस पर 21 हजार 600 रुपये तक खर्च किये गये. यह गड़बड़ी वर्ष 2019-20 से 2021-22 बीच हुई है. मामला तब सामने आया, जब नये टेंडर में यह राशि 90 फीसदी कम हो गयी.

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आनंद तिवारी, पटना. पीएमसीएच में एयर कंडीशन (एसी) के मेंटेनेंस के नाम पर बीते तीन सालों में लगभग 528 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो गयी. हर साल एक एसी के मेंटेनेंस पर 21 हजार 600 रुपये तक खर्च किये गये. यह गड़बड़ी वर्ष 2019-20 से 2021-22 बीच हुई है. मामला तब सामने आया, जब नये टेंडर में यह राशि 90 फीसदी कम हो गयी.

अब मात्र सालाना 17.32 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं

पुराने टेंडर के रेट के अनुसार अस्पताल के एसी मेंटेनेंस पर सालाना 1.76 करोड़ से अधिक राशि खर्च हुई, जबकि नये टेंडर के अनुसार अब मात्र सालाना 17.32 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. इस तरह सालात एक करोड़ 58 लाख 71 हजार की बचत हो रही है. पीएमसीएच प्रशासन की ओर से इस साल हुए टेंडर व पुराने टेंडर की ऑडिट रिपोर्ट के मिलान के बाद यह गड़बड़ी पकड़ी गयी. इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को दी गयी है. वहीं, सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच का आदेश जारी किया गया है.

यह है मामला

तत्कालीन अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने 20 फरवरी, 2019 को स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख कर अनुरोध किया गया कि जब तक बीएमआइसीएल की ओर से एसी मेंटेनेंस का अधिग्रहण नहीं करा लिया जाता है, तब तक स्थानीय स्तर से ही यह कार्य करने की अनुमति दी जाये. अनुमति मिलने के बाद इसका टेंडर निकाला गया. इसमें मेसर्स पुष्पल नामक कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी गयी. खास बात है कि उनके रिटायर होने के बाद डॉ विमल कारक अधीक्षक बने. फिर से संबंधित कंपनी के टेंडर का नवीनीकरण कर दिया गया. वहीं, वर्तमान अधीक्षक ने पुराने टेंडर को रद्द कर नया टेंडर जारी किया, जिसके बाद 90 फीसदी तक राशि स्वास्थ्य विभाग की बच रही हैं.

एक स्प्लिट एसी पर खर्च हो रहे थे 21600 रुपये

एसी मेंटेनेंस पर काफी अधिक राशि का खर्च देख कर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर नया टेंडर किया गया. इसकी जिम्मेदारी मां अध्ययन इंटरप्राइजेज कंपनी को दी गयी. तीन साल पहले जहां एक एसी पर 21,600 रुपये हर साल एक स्प्लिट एसी की मरम्मत खर्च हो जाते थे. वहीं, वर्तमान के नये टेंडर में हर साल एक स्प्लिट एसी की मरम्मत पर मात्र 4500 रुपये खर्च किये जा रहे हैं. वहीं, विंडो एसी की मरम्मत पर 10,800 रुपये की जगह अब मात्र 3500 रुपये खर्चकिये जा रहे हैं.

जितना खर्च उतनी राशि में मिल जायेगी नयी एसी

जानकारों की माने तो स्प्लिट एसी के मरम्मत में हर साल जो 21 हजार से अधिक की राशि खर्च की जा रही है. लगभग उतने ही राशि नया एसी लाया जा सकता है. पीएमसीएच में कुल 225 विंडो व 210 लगाये गये हैं. यह एसी पीएमसीएच के ओटी समेत सभी वार्डों में लगाये गये हैं. इसके अलावा डक्टेबल सभी एसी इमरजेंसी वार्ड में लगाये गये हैं.

पुराने टेंडर में मेंटेनेंस पर सालाना खर्च

  • डक्टेबल (सेंट्रल) एसी 5 से सात टन ~86,400

  • डक्टेबल एसी 8 से 10 टन ~1.8 लाख

  • 11 से 17 टन ~1. 62 लाख

  • विंडो एसी ~10,800

  • स्प्लिट एसी ~21600

  • वर्तमान रेट

  • एसी विंडो ~3500

  • स्प्लिट एसी ~4500

नोट: नये टेंडर में डक्टेबल एसी की मरम्मत नि:शुल्क है.

बोले अधीक्षक 

विडो व स्प्लिट एसी की मरम्मत में एक वर्ष में पहले 69.65 लाख खर्च होते थे, जो अब घट कर 17.32 लाख रुपये रह गये हैं. इसके अलावा पहले डक्टेबल (सेंट्रल) एसी की मरम्मत में 1.06 करोड़ से अधिक खर्च होते थे. अब डक्टेबल एसी की मरम्मत का समायोजन स्प्लिट वविंडों एसी के खर्च में दिया गया है.

-डॉ आइएस ठाकुर, अधीक्षक, पीएमसीएच

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