Coronavirus in Bihar : बिहार में 418 एक्टिव मरीज, पटना में 66 पॉजिटिव, शिशु विभाग में एक और डॉक्टर संक्रमित
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Mar 2021 10:32 AM
कोरोना संक्रमण के मरीजों का आंकड़ा शुक्रवार को एक बार फिर 65 के पार पहुंच गया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में 66 नये लोगों को संक्रमित बताया गया है. इसके साथ ही जिले में एक्टिव कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 418 हो गयी है.
पटना. कोरोना संक्रमण के मरीजों का आंकड़ा शुक्रवार को एक बार फिर 65 के पार पहुंच गया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में 66 नये लोगों को संक्रमित बताया गया है. इसके साथ ही जिले में एक्टिव कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 418 हो गयी है.
शुक्रवार को पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों में फुलवारीशरीफ, कंकड़बाग, आशियाना, राजाबाजार, बुद्धिजीवी कॉलोनी आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं. कोरोना संक्रमण की जांच के लिए पटना सहित पूरे बिहार से 24 घंटे के अंदर 51,662 लोगों का सैंपल लिया गया था. जिसमें पूरे बिहार से 211 नये मरीज मिले हैं.
कोरोना संक्रमण से जूझ रहे कई व्यक्ति ठीक होकर लौट भी रहे हैं. वर्तमान समय में कोरोना से 99.3 प्रतिशत लोग ठीक हो रहे हैं. हालांकि रिकवरी रेट में थोड़ी बहुत गिरावट दर्ज की गयी है. इसके साथ ही अब तक जिले में इस संक्रमण से ग्रसित होने के बाद स्वस्थ हो चुके मरीजों की संख्या 52 हजार 638 हो गयी है.
विदित हो कि जिले में संक्रमित मरीजों का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है. तीन दिन पहले तक यह रिकवरी दर 99.9 फीसदी हो गयी थी. लेकिन अब 99.3 पर पहुंच गयी है. हालांकि इसके बाद भी जिले में अभी 418 एक्टिव केस बचे हुए हैं.
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग में तीन डॉक्टर व दो नर्स के संक्रमित होने के बाद एक और डॉक्टर के संक्रमित होने का मामला शुक्रवार की शाम को प्रकाश में आया है. अस्पताल के अधीक्षक सह शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विभाग के एक और सहायक प्राध्यापक संक्रमित हो गये हैं.
अधीक्षक के अनुसार उन्होंने अपनी जांच आइजीआइएमएस में करायी थी, जहां जांच रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाये गये हैं. चिकित्सक होम आइसोलेशन में है.इस तरह विभाग में अब तक चार डॉक्टर व दो नर्स संक्रमित हैं. विभाग के इंडोर में पीकू व निक्कू में मरीजों की भर्ती बंद हो गयी है.
कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाने के एक महीने बाद भी संक्रमित होने के मामले आना शुरू हो गये हैं. शहर के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में पदस्थ एक डॉक्टर ने कोविशील्ड का दूसरा टीका फरवरी महीने के पहले सप्ताह में आइजीआइसी के टीकाकरण केंद्र में लिया था. हल्की तबीयत खराब होने के बाद गुरुवार को कोरोना की जांच हुई, जिसमें वह संक्रमित पाये गये. डॉक्टर को खांसी हो रही थी, तो संदेह के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर ने जांच कराने के लिए कहा था.
टीका लेने के बाद भी डॉक्टर के पॉजिटिव आते ही आइजीआइसी में चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भी भेज दिया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी खुराक लेने के करीब 14 दिन बाद ही एंटीबॉडीज बन जाती हैं. डॉक्टर के संक्रमित होने पर पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि एंटीबॉडीज बनने के बाद भी कोरोना संक्रमण हो सकता है? बताया जा रहा है कि इससे पहले भी नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो लोग कोविशील्ड की वैक्सीन लेने बाद संक्रमित हो गये थे.
Posted by Ashish Jha
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