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आम सहमति से बनेगा कॉमन सिविल कोड कानून, बोले कृषि मंत्री- बिहार में भी होगा लागू

Updated at : 27 Apr 2022 7:06 PM (IST)
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आम सहमति से बनेगा कॉमन सिविल कोड कानून, बोले कृषि मंत्री- बिहार में भी होगा लागू

अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कॉमन सिविल कोड देश में लागू होगा, तो बिहार में भी लागू होगा. उन्होंने कहा कि इस पर विचार-विमर्श होगा. देशहित में कानून सबकी सहमति से बनेगा. राम मंदिर, 370, तीन तलाक सभी पर फैसले हुए. सबकी सहमति से आवश्यक कानून बनेंगे.

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पटना. कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को कहा कि कॉमन सिविल कोड आम सहमति के बाद लागू होगा. अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कॉमन सिविल कोड देश में लागू होगा, तो बिहार में भी लागू होगा. उन्होंने कहा कि इस पर विचार-विमर्श होगा. देशहित में कानून सबकी सहमति से बनेगा. राम मंदिर, 370, तीन तलाक सभी पर फैसले हुए. सबकी सहमति से आवश्यक कानून बनेंगे.

इतिहासकारों ने नहीं दिया बाबू कुंवर सिंह को उचित स्थान

सिंह ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले बाबू वीर कुंवर सिंह को इस देश के इतिहासकारों ने उचित स्थान नहीं दिया . भाजपा प्रदेश कार्यालय के सहयोग कार्यक्रम में श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों में आजादी के आंदोलन में शामिल महापुरुषों को कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों के बीच पहुंचाने का काम किया.

कृषि विभाग में होगी 2700 नियुक्ति, जल्द पदों को भरे एसएससी

कृषि विभाग में विभिन्न संवर्गों के 27 सौ पदों पर जल्द बहाली होगी. कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को कहा कि पदों को भरे जाने के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिये गये हैं. अब उनकी जवाबदेही है कि सभी पदों को जल्द भरा जाये. मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को नयी-नयी कठिनाइयां हो रही हैं.

वैज्ञानिकों से विचार-विमर्श हो रहा है

वैज्ञानिकों से इस पर विचार-विमर्श हो रहा है. ठंड, बरसात एवं अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल को हो रही क्षति को कैसे कम किया जाये इस पर देश के कृषि वैज्ञानिक लगे हैं. कृषि वैज्ञानिक आपदा को झेल सके इस प्रकार के बीज का उत्पादन करें. बिहार के बागवानी में आम और लीची का प्रभाव है तथा सेव की खेती सबौर में हो रही है.

बिहार की चाय को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, तैयार हो रहा लोगो

बिहार में पैदा होने वाली चाय को जल्द ही राष्ट्रीय पहचान मिलेगी. यहां उत्पादित होने वाली चाय के लिये खास लोगो तैयार किया जा रहा है. कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि बिहार की चाय को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भारतीय चाय बोर्ड को पत्र भेजा गया है. देश में चाय के उत्पादन, प्रसंस्करण और घरेलू व्यापार के साथ-साथ निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बने भारतीय चाय बोर्ड में बिहार को छोड़ कर चाय उत्पादन करने वाले दूसरे राज्यों के प्रतिनिधि पहले से ही शामिल हैं.

‘बिहार की चाय’ के विकास को लेकर परिचर्चा

कृषि मंत्री व कृषि सचिव सहित कई बड़े अधिकारी 30 अप्रैल किशनगंज पहुंच रहे हैं. यहां ‘बिहार की चाय’ के विकास को लेकर एक परिचर्चा की जायेगी. इसमें उद्योग निकायों सहित बिहार के सभी प्रमुख चाय उत्पादकों को बुलाया गया है. बिहार में किसानों के आय को दोगुना करने के लिए उद्यान निदेशालय बिहार में उत्पादित चाय को बढ़ावा दे रहा है.

बिहार चाय उत्पादन में देश में पांचवें स्थान पर

चाय के क्षेत्र विस्तार के लिए विशेष उद्यानिक उत्पाद योजना के अंतर्गत लागत की राशि का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. बिहार चाय उत्पादन में देश में पांचवें स्थान पर है. यहां लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में 75 लाख किलो का वार्षिक उत्पादन है. करीब 20 साल से चाय की खेती हो रही है.

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