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नशा मुक्ति दिवस पर सीएम नीतीश ने शराबबंदी के गिनाए फायदे, बिहार में फिर से कराया जाएगा सर्वे..

Updated at : 26 Nov 2023 12:20 PM (IST)
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नशा मुक्ति दिवस पर सीएम नीतीश ने शराबबंदी के गिनाए फायदे, बिहार में फिर से कराया जाएगा सर्वे..

पटना में नशा मुक्ति दिवस पर आयाेजित एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके फायदे गिनाए. उन्होंने बिहार के प्रत्येक जिलों में फिर से सर्वे कराने का निर्देश कार्यक्रम के दौरान दिया. सीएम ने बिहार में हुए बदलाव का भी जिक्र किया.

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नशा मुक्ति दिवस 2023 के दिन आयोजित पटना के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शिरकत की. सीएम ने इस दौरान संबोधित भी किया. उन्होंने बिहार को नशा मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की बात की. सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किए जाने का प्रभाव जानने के लिए सर्वे कराए जाने का निर्देश दिया है. बिहार में लागू शराबबंदी में महिलाओं की बड़ी भूमिका की बात सीएम ने कही. उन्होंने इसका विरोध करने वालों को निशाने पर लिया. सीएम ने इस दौरान बिहार के विकास के लिए किए गए प्रयासों की भी बात की. उन्होंने वर्ष 2005 के पहले के हालातों की भी चर्चा की. सीएम ने कहा कि वह चाहते हैं कि शराबबंदी का सर्वेक्षण हो. घर- घर जाकर लोगों की राय ली जाए.

शराबबंदी पर बोले नीतीश कुमार..

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नशा मुक्ति दिवस के दिन आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि शराब पर पूरी तरह रोक है. बिहार ही नहीं बिहार के बाहर भी देश में काफी लोग इसके पक्ष में हैं. इसका असर देखने को मिला है. सीएम ने सर्वे कराकर इसका प्रभाव जानने का निर्देश दिया. वहीं मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल से पहले बिहार के हालात की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि कानून बना हुआ और सबके हित में काम हो रहा है. पहले लोग शाम में बाहर नहीं निकल पाते थे लेकिन 2005 के बाद जब हमको आपने मौका दिया तो आप रात में देर तक भी घूमते हैं. पहले अधिक विवाद होता था अब कम होता है. हमने लड़कियों की पढ़ाई की मजबूत व्यवस्था की. महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण भी हमारी सरकार ने दिया. पहले लोगों को लड़की पैदा होने पर तकलीफ होती थी पर अब वो बात नहीं है.

जिलों में सर्वे कराने का निर्णय लिया गया

बता दें कि मद्यनिषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने शराबबंदी का प्रभाव जानने के लिए एक बार फिर जिलों में सर्वे कराने का निर्णय लिया है. सभी 38 जिलों में कराये जाने वाले इस सर्वे की मदद से शराबबंदी के प्रत्यक्ष और परोक्ष सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण किया जायेगा. विभाग ने 12 सप्ताह में सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है. मार्च 2024 तक सर्वे रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है. सर्वे की टीम ऑनलाइन डाटा संग्रह करेगी, जिसकी समय-समय पर केंद्रीय स्तर से माॅनीटरिंग हो सकेगी. इससे सर्वे में पारदर्शिता आयेगी. सर्वे टीम को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिपोर्ट जमा करना होगा. सर्वे के दौरान आने वाली चुनौती और अनुभव को भी टीम हर पखवारे शेयर करेगी.

राज्य की 99 प्रतिशत महिलाओं ने शराबबंदी का समर्थन किया था:

मालूम हो कि इसी साल फरवरी में शराबबंदी की सर्वे रिपोर्ट जारी की गयी थी. इसमें राज्य की 99 प्रतिशत महिलाओं ने शराबबंदी का समर्थन किया था. वहीं, 92 प्रतिशत पुरुष आबादी भी शराबबंदी के पक्ष में बताये गये थे. सर्वे रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 96 प्रतिशत लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है.

सर्वे के माध्यम से क्या चलेगा पता?

सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जायेगा कि कितने लोगों ने शराब का सेवन छोड़ा. शराबबंदी के परिवार और समाज पर प्रभाव की रिपोर्ट भी तैयार करायी जायेगी. विभाग के अनुसार, इस बार अकादमिक संस्थानों को इसके लिए आमंत्रित किया गया है. अभी तक तीन संस्थानों ने अपनी रुचि दिखायी है. हर जिले में न्यूनतम 2500 घरों का सर्वे किया जायेगा. इसके साथ ही हर जिले में कम से कम 40 लोगों का इंटरव्यू भी किया जायेगा. इसके अलावा चार फोकस ग्रुप भी होंगे जो शराबबंदी के मुद्दे पर विचार-विमर्श कर करेंगे.

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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