दरभंगा AIIMS के लिए शोभन बाईपास की जगह कैसे तय हुई? नीतीश कुमार व तेजस्वी यादव ने विस्तार से बताया, जानिए...

सांकेतिक तस्वीर
दरभंगा में AIIMS के लिए शोभन बाइपास की जमीन कैसे तय हुई. डीएमसीएच परिसर में पहले जगह कैसे तय किया गया और बाद में ये फैसला कैसे बदल गया. सीएम नीतीश कुमार व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने विस्तार से इसपर बताया...
Darbhanga Aiims: दरभंगा AIIMS के लिए जगह का चयन काफी चर्चे में रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शोभन बाइपास पर एम्स निर्माण होने से दरभंगा शहर का विस्तार होगा. वहां नये इलाके विकसित होंगे. एम्स के लिए जिस जमीन को चिह्नित किया गया है, वहां आने-जाने के लिए निर्माण होगा. सभी चीजों का ख्याल रखते हुए ही शोभन बाइपास पर जमीन चिह्नित किया गया है. अगर किसी को कुछ समझना है, तो हमारे साथ वहां चल सकता है.
मंगलवार को कांग्रेस के प्रेमचन्द्र मिश्रा के तारांकित प्रश्न पर हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष प्रस्ताव दिया था कि डीएमसीएच दरभंगा को ही एम्स के लिए अधिग्रहित कर लिया जाये. उस समय वे मान गये. लेकिन जब वे मंत्री से हटकर पार्टी की जिम्मेवारी संभालने चले गए तो नये मंत्री ने इसे स्वीकार नहीं किया. तब तय हुआ कि डीएमसीएच परिसर में ही एम्स बनाया जाए.
जमीन चिह्नित कर ली गयी थी, लेकिन समीक्षा में पाया कि डीएमसीएच की स्थिति अच्छी नहीं रहती है. एम्स बनने से मरीजों का दबाव उस इलाके में बढ़ता. आने- जाने में परेशानी होती. इस कारण शोभन बाइपास पर 150 एकड़ जमीन एम्स के लिए चिह्नित की गयी है. सीएम ने कहा कि जमीन अधिग्रहण का काम प्राथमिकता पर होगा.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नकर्ता के साथ ही मौजूदा और पूर्व के स्वास्थ्य मंत्री के अलावा कोई और भी सदस्य उस जमीन को देखना चाहें तो उनका स्वागत है. मेरे साथ चलें और उस जमीन का लोकेशन देखें तो पता चलेगा कि कितनी अच्छी जमीन चिह्नित की गयी है. इस प्रश्न का जवाब देते हुए पहले स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले से चिह्नित जमीन में जल जमाव व ट्रैफिक जाम की समस्या, आरओबी व एलिवेटेड रोड की आवश्यकता सहित अन्य कठिनाइयों के मद्देनजर शोभन बाइपास पर जमीन चिह्नित की गयी है.
प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि शोभन बाइपास पर चिह्नित जमीन 28 फुट गहरा है तो उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उसका समाधान किया जायेगा. चिह्नित जमीन ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से तीन किलोमीटर तो आमस-दरभंगा फोरलेन से सात किलोमीटर दूर है.
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जब दूसरा एम्स का प्रस्ताव मांगा , तो मुख्यमंत्री ने ही दरभंगा का नाम सुझाया था. सरकार के समक्ष कई शहरों के नाम थे लेकिन मुख्यमंत्री ने दरभंगा को प्राथमिकता दी. जिस जमीन का चयन किया गया है, वहां मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, झंझारपुर व नेपाल से आने-जाने में सुविधा होगी.
Published By: Thakur Shaktilochan
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