ePaper

Bhagalpur: बंगाली गंगा घाट पर गंदगी देख पुजारी ने जल भरने से इंकार, टूटी 450 साल की परंपरा

Updated at : 03 Oct 2022 5:11 AM (IST)
विज्ञापन
Bhagalpur: बंगाली गंगा घाट पर गंदगी देख पुजारी ने जल भरने से इंकार, टूटी 450 साल की परंपरा

Bhagalpur durga puja: बंगाली समुदाय के लोग 450 साल से एक ही गंगा घाट से मां दुर्गा का कलश भरते थे. इसी से इस घाट का नाम बंगाली घाट चंपानगर रख दिया गया है. रविवार को इस परंपरा पर नगर निगम की लापरवाही ने ब्रेक लगा दिया. घाट व गंगा में पसरी गंदगी को देख पुजारी ने यहां से जल भरने से इंकार कर दिया.

विज्ञापन

भागलपुर: बंगाली समुदाय के लोग 450 साल से एक ही गंगा घाट से मां दुर्गा का कलश भरते थे. इसी से इस घाट का नाम बंगाली घाट चंपानगर रख दिया गया. रविवार को इस परंपरा पर नगर निगम की लापरवाही ने ब्रेक लगा दिया. घाट व गंगा में पसरी गंदगी को देख पुजारी ने यहां से जल भरने से इंकार कर दिया. भक्त मां दुर्गा का कलश लेकर दूसरी घाट पर जल लेने को विवश हो गये. इस लापरवाही से स्थानीय लोगों में आक्रोश है.

महाशय परिवार ने पानी से हटवाया जलकुंभी

दुर्गा पूजा आरंभ होने से पहले नगर निगम के अधिकारियों से गंगा किनारे सफार्इ कराने का लगातार आग्रह किया गया. निगम के अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया. महाशय परिवार ने अपने खर्च पर पानी से जलकुंभी को हटावाया. दो दिन की मेहनत से गंगा का जल तो दिखने लगा, लेकिन घाट किनारे इतनी गंदगी थी उसे सामान्य मजदूर कम समय में नहीं हटा पाते. इससे एक बार फिर नगर निगम से बुलडोजर की मांग करने लोग पहुंचे.

नाले का कचरा नदी में फैलने से आक्रोश

बंगाली घाट किनारे नाले का कचरा फेंक दिया गया है, जिससे घाट किनारे दुर्गंध व कचरा पसरा है. लोग यहां शौच कर चले जाते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता देवाशीष बनर्जी कहते हैं कर्इ बार निगम के अधिकारियों से आग्रह किया गया, लेकिन सुनने वाला कोर्इ नहीं है. घाट पर एक बुलडोजर से दो घंटा काम कराया जाता, तो सफार्इ बेहतर हो जाती. किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया. परिणाम जिस घाट से जल भरा जाता था वह जगह आज बदल गया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन