Bihar News: बिना सरकारी गाड़ी के ही हो गई ड्राइवर की नियुक्ति, पश्चिम चंपारण से आया हैरान करने वाला मामला
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 18 Mar 2025 2:57 PM
AI फोटो
Bihar News: मुखिया राजकुमार सहनी ने बताया कि उन लोगों द्वारा पूर्व में भी ड्राइवर पर अवैध वसूली, शराब के नशे में झगड़ा करने से संबंधित आवेदन कार्रवाई की मांग की गई थी . इस संबंध में प्रभारी सीओ नंदलाल राम ने बताया कि उनके द्वारा ड्राइवर की आवश्यकता नहीं होने से संबंधित पत्र बड़े अधिकारियों को लिखा जा रहा है.
Bihar News, चंद्रप्रकाश आर्य: पश्चिम चंपारण जिला के बगहा अनुमंडल अंतर्गत पिपरासी, अंचल में बीते एक वर्ष से सरकारी गाड़ी नहीं है . इस कारण प्राइवेट गाड़ी को ड्राइवर के साथ रखा गया है . गाड़ी नहीं होने के बावजूद भी गृह रक्षक वाहिनी के एक गार्ड को अंचल की गाड़ी चलाने के लिए नियुक्त कर दिया गया है . इससे आम लोगों में यह चर्चा है कि गाड़ी नहीं होने की स्थिति में ड्राइवर की नियुक्ति हास्यास्पद है.
जानें मामला
विभागीय सूत्रों की माने तो पिपरासी अंचल में ड्राइवर नहीं होने के कारण 2016 – 17 में विभाग के तरफ से गृह रक्षा वाहिनी से नवल किशोर सिंह को ड्राइवर की नियुक्ति की गई थी . उस समय सरकारी गाड़ी थी, लेकिन बीते एक वर्ष से गाड़ी खराब होने के कारण अंचल के तरफ से 12 सौ रुपए रोजाना के दर पर प्राइवेट गाड़ी और ड्राइवर रख लिया गया और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी भेज दी गई .
इसके बावजूद विभाग के तरफ से ड्राइवर को वापस नहीं बुलाया गया . ड्राइवर के पद पर तैनात गृह रक्षा वाहिनी के बल बिना काम के ही अंचल में रहते थे . बीते सात फरवरी को शराब पीते उनका एक वीडियो यूपी के एक होटल में वायरल हुआ था . इसको गंभीरता से लेते हुए गृह रक्षा वाहिनी के जिला समादेष्टा द्वारा उन्हें लाइन में क्लोज कर लिया गया था.
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सवालों के घेरे में विभाग
उसके बाद लोगों को लगा कि शायद इन पर विभागीय कार्रवाई होगी. लेकिन विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर उनके द्वारा दुबारा पिपरासी अंचल में ही ड्राइवर के पद पर 17 मार्च को दुबारा ज्वाइन किया गया. जबकि पिपरासी अंचल के तरफ से ड्राइवर की मांग भी नहीं की गई थी. क्योंकि मधुबनी सीओ पिपरासी के भी प्रभारी है . वहां भी प्राइवेट गाड़ी का ही प्रयोग होता है . ऐसी स्थिति में दो गाड़ी या दो ड्राइवर की आवश्यकता नहीं है. ऐसी स्थिति में ड्राइवर की नियुक्ति पर लोगों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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