जननी बाल सुरक्षा के भुगतान में हेरफेर घपला

Published at :11 May 2017 4:16 AM (IST)
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जननी बाल सुरक्षा के भुगतान में हेरफेर  घपला

मामला जिले योगापट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का, सीएस ने जांच के दिये निर्देश चार दर्जन प्रसूताओं को जेएसवाइ योजना का दो-दो बार किया गया है भुगतान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई माह से चल रहा था जननी बाल सुरक्षा योजना में घपले का खेल बेतिया : जिले के योगापट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जननी बाल […]

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मामला जिले योगापट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का, सीएस ने जांच के दिये निर्देश

चार दर्जन प्रसूताओं को जेएसवाइ योजना का दो-दो बार किया गया है भुगतान
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई माह से चल रहा था जननी बाल सुरक्षा योजना में घपले का खेल
बेतिया : जिले के योगापट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जननी बाल सुरक्षा योजना में भारी पैमाने पर घपला का मामला प्रकाश में आया है.
जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत करीब चार दर्जन से ज्यादा प्रसूताओं (लाभुकों) को दो-दो बार राशि का भुगतान कर दिया गया है. जननी बाल सुरक्षा योजना में एक प्रसूता के नाम पर दो-दो बार राशि भुगतान करने का खेल कई माह से चलता रहा. इस मामले का जब खुलासा हुआ,तो योगापट्टी पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा़ अमितेश रंजन श्रीवास्तव ने आनन-फानन में संबंधित प्रसूता व आशा कार्यकर्त्ताओं के नाम 9 फरवरी को पत्र जारी किया.
सभी आशा कार्यकर्त्ताओं से एक सप्ताह के अंदर राशि वापस करने का निर्देश दिया. चिकित्सा प्रभारी की माने,तो 90 फीसदी राशि की वूसली कर ली गयी है. हालांकि अस्पताल सूत्रों की जननी बाल सुरक्षा योजना में राशि घपले का खेल सैकड़ों प्रसूताओं के नाम पर किया गया है.
जांच होने के बाद इस तरह के कई मामले उजागर हो सकते हैं. यहां बातें कि बच्चे के जन्म के बाद जननी बाल सुरक्षा की राशि प्रसूताओं को चेक के माध्यम से दिया जाता है. जिसकी प्रोत्साहन राशि 1400 रुपया होता है. वहीं आशा कार्यकर्त्ता या समान्य आदमी को प्रसूताओं को अस्पताल पहुंचाने पर जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत 200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
एक माह में दो बार बच्चे की मां बनीं महिलाएं!
एक माह में दो बार बच्चे को महिलाअों ने जन्म दिया. यह सुनकर या जानकर आपको आश्चर्य होगा. लेकिन योगापट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जननी बाल सुरक्षा योजना में घपले को लेकर महिलाओं को एक माह में दो बच्चों को जन्म देने का खेल चलता था. साथ ही प्रसूता के पते में भी खेल हो रहा था. ताकि वरीय अधिकारी या विभागीय अधिकारियों को इसकी सही जानकारी नहीं हो. इसकी बानगी है नौतन विश्रामपुर के राजेश ठाकुर की पत्नी आशा देवी हैं. आशा देवी 21 फरवरी 2017 को मां बनी. ठीक माह भर बाद नौतन विश्रामपुर के राजेश ठाकुर की पत्नी आशा देवी 27 मार्च 2017 को एक और बच्चे को जन्म दिया. महिला के बच्चे के जन्म की बात एएनएम सरस्वती देवी भी पुष्टि कर देती है. जबकि योगापट्टी प्रखंड के नौतन विश्रामपुर नाम का कोई गांव ही नहीं हैं.
योगापट्टी पीएचसी में जननी बाल सुरक्षा में हुए घपले काफी गंभीर मामला है. मामले की जांच करायी जायेगी. इसमें दोषी पाये जाने पर पीएचसी में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.
डाॅ अनिल कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन, बेतिया.
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