पार्क के फव्वारे, लाइट व स्लाइड झूले टूटे

Published at :11 Jan 2017 3:57 AM (IST)
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पार्क के फव्वारे, लाइट व स्लाइड झूले टूटे

बेतिया : शहर के राजड्योढ़ी स्थित नजरबाग पार्क की बदहाली का आलम झेलने लगा है. हर रोज औसत 400 बच्चों का मनोरंजन कराने वाले इस पार्क में तमाम खराबी आ गयी है. पार्क में लगे फव्वारे खराब हो चुके हैं. लाइटें भी फ्यूज हो चुकी हैं. स्लाइड झूला टूट गया है. अन्य संसाधन भी जर्जर […]

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बेतिया : शहर के राजड्योढ़ी स्थित नजरबाग पार्क की बदहाली का आलम झेलने लगा है. हर रोज औसत 400 बच्चों का मनोरंजन कराने वाले इस पार्क में तमाम खराबी आ गयी है. पार्क में लगे फव्वारे खराब हो चुके हैं. लाइटें भी फ्यूज हो चुकी हैं. स्लाइड झूला टूट गया है. अन्य संसाधन भी जर्जर हो चुके हैं. पार्क में जाने वाले बच्चे व उनके परिजन हर रोज इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अफसरों का ध्यान इसपर तनिक भी नहीं है. इसका जिम्मा लेने वाले नगर परिषद की ओर से भी मेंटनेंस को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है.

यह हाल तब है, जब पार्क में जाने वाले बच्चे, बूढ़े, नौजवान सभी से पांच रुपये बतौर इंट्री शुल्क ली जाती है. इंट्री शुल्क लेने का जिम्मा नगर परिषद का है. इसके लिए बकायदा पार्क में आठ कर्मियों की फौज भी लगा दी गयी है. यह कर्मी पार्क के मेटनेंस के लिए रखे गये हैं, लेकिन बावजूद इसके हालत दयनीय हो चुकी है. पांच रुपये टिकट लेकर पार्क में जाने वाले लोग अब ठगे से महसूस करने लगे हैं. जबकि नप की ओर से दावा किया गया था कि वह टिकट लेने के एवज में पार्क व इसमें लगे संसाधनों को ख्याल रखेगा. इंचार्ज जुलूम साह ने बताया कि पार्क में दो फव्वारे लगे हैं, जो मौजूदा समय में कार्य नहीं कर रहे हैं.
लाइटें भी खराब हो चुकी हैं. स्लाइड झूला टूट गया है. इसको लेकर नप को सूचना दे दी गयी है. राजड्योढ़ी स्थित नजरबाग पार्क का उद्घाटन बीते 15 अगस्त को जिलाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने किया था. पार्क के उद्घाटन के पांच माह में ही पार्क में लगे संसाधन खराब होने लगे हैं. इससे पहले कुर्सियों व झूले के टूटने मामले सामने आये थे. इसपर डीएम ने तत्काल निर्देश देकर इसे दुरूस्त कराया था. अब फिर पार्क में फौव्वारा, लाइट व स्लाइड झूला खराब हो गया है.
टिकट से हर माह आता है 60 हजार : पार्क में हर रोज औसत 400 लोग आते हैं. एक व्यक्ति के लिए 5 रुपये इंट्री शुल्क निर्धारित की गयी हैं. यानी 400 व्यक्ति से दो हजार रुपये एक दिन में टिकट से आमदनी होती है. माह में यह आय 60 हजार रुपये हैं. इसके बावजूद पार्क का मेंटनेंस सही नहीं है. हालांकि इस आमदनी में पार्क के ख्याल रखने के लिए नियुक्त कर्मियों का मानदेय भी शामिल है. जिन्हें प्रतिदिन 194 रुपये भुगतान किया जाता है.
बदहाली
पांच माह में ही खराब हो गये पार्क में लगे संसाधन, पांच रुपये टिकट लेकर पार्क में आनेवाले बच्चे हर रोज कर रहे शिकायत
नगर परिषद की ओर से वसूला जाता है पांच रुपये टिकट, फिर भी मेंटेनेंस में लापरवाही
राजड्योढ़ी में स्थित है नजरबाग पार्क, बीते 15 अगस्त को हुआ था उद्घाटन
प्रतिदिन औसत 400 व्यक्ति आते हैं नजरबाग पार्क
खराब पड़े फव्वारे व लाइट.
मेंटेनेंस को ये हैं तैनात
एक इंचार्ज
सुरक्षा के लिए दो गार्ड
फूलों का ख्याल रखने के लिए एक माली
एक पलंबर
दो सफाईकर्मी
दो टिकट ब्वॉय
दूर होंगी कमियां
नजरबाग पार्क में लगे संसाधनों के खराब होने की जानकारी मिली है. ठेकेदार को निर्देशित किया गया है कि इसे जल्द दुरूस्त करा दें. अन्य जो भी कमियां हैं, उसे दूर कराया जा रहा है.
डॅा विपिन कुमार, इओ नगर परिषद
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