तस्कर बेतिया से नेपाल भेज रहे मसूर की दाल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2016 5:27 AM (IST)
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बेतिया : भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद धड़ल्ले से दाल तस्करी की जा रही है. परिणामस्वरुप भारतीय नागरिकों के लिए मंगायी गयी दाल से नेपाल खुशहाल हो रहा है. वर्तमान समय में भारत-नेपाल के बीच किसी भी खाद्यान्न की आपूर्ति प्रतिबंधित है. ऐसे में दाल की तस्करी, सीमा पर तैनात भारतीय […]
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बेतिया : भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद धड़ल्ले से दाल तस्करी की जा रही है. परिणामस्वरुप भारतीय नागरिकों के लिए मंगायी गयी दाल से नेपाल खुशहाल हो रहा है. वर्तमान समय में भारत-नेपाल के बीच किसी भी खाद्यान्न की आपूर्ति प्रतिबंधित है.
ऐसे में दाल की तस्करी, सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्य प्रणाली पर संदेह भी पैदा कर रही है. हालांकि प़ चम्पारण के व्यावसायियों द्वारा चोरी छिपे दालों को नेपाल भेजने की जानकारी केन्द्रीय गृह विभाग के खुफिया सूत्रों ने पीएमओ तक को दी है और कतिपय व्यावसायियों को चिन्हित भी किया है.
लेकिन उन पर लगाम कसने के बजाय दिन प्रतिदिन दाल की तस्करी नेपाल को किया जा रहा है. जानकार सूत्र बताते है कि अब तक हजारों टन दाल तस्करी के जरिए भारत से नेपाल पहुंचाई गई है. इसका भंसार नेपाल में हुआ है. जबकि भारत से नेपाल दाल भेजा जाना प्रतिबंधित है. इसकी वजह से भारत सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है. डीएम लोकेश कुमार सिंह की माने तो अगर इतने बड़े पैमाने पर दाल की तस्करी हो रही है, तो मामले की जांच कराई जाएगी. तस्करी करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा.
एक करोड़ की दाल के साथ हुए थे छह गिरफ्तार
चार दिन पूर्व ही बिहार -नेपाल सीमा क्षेत्र से भारी मात्रा में विदेश व्यापार के लिए प्रतिबंधित दाल की तस्करी का खुलासा हुआ है.बताया गया कि इस बरामद दाल की खेप को बांग्लादेश व चीन निर्यात किया जाना था.सीमा पर संगठित गिरोह के द्वारा की जा रही तस्करी का उदभेदन सोमवार को तब हुआ. जब, चंपारण सीमा से लगे नेपाल के पर्सा जिला पुलिस ने एक करोड के मसूर दाल सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया.बरामद गी पर्सा जिला के सीमावर्ती जानकी टोला में हुई. भारत से तस्करी कर लाये गये कुल 42 हजार किलोग्राम दाल की बरामद्गी की गयी है.
हाल के दिनों में अब तक की सबसे बड़ी दाल बरामद्गी मानी जा रही है.तस्करों व गिरोह से जुड़े लोगो में इस बरामद्गी से हड़कंप मच गया है.सोमवार को अहले सुबह बरामद दाल का मूल्य करीब 68 लाख आंकी गयी है. यह बरामदगी जानकीटोला स्थित हनुमान मन्दिर के निकट हुई . जहां भारतीय नम्बर प्लेट के 6 ट्रैक्टर पर लदे कुल 14 सौ बोरा मंसूर दाल बरामद किया गया है. जब्त वाहनों में बी आर 22 जी 6832 , बी आर 22 एफ 7111, बी आर 22 जी 8319, बी आर 22 जी 8865 , बी आर 22 जी 4363 व एक ऑन टेस्ट लिखे हुए टैक्टर पर लोड उक्त 14 सौ बोरा दाल बरामद हुआ था.
इस दौरान ट्रैक्टर चालक पकड़े गए लोगों में जिले के इनरवा थाना निवासी शिवाश्रय राम, चन्द्रमोहन राम, मणीलाल पटेल, रियाजुल गद्दी, पर्सा जिला के जानकीटोला के प्रयाग साह व पर्सा के ही घोडदौड पिपरा के दिनानाथ यादव शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, यह धंधा सीमाई इलाके से लंबे समय से चल रहा है. जबकि,देश में दाल ऊँची कीमत पर बिक रही है.दलहन के उपजाऊ क्षेत्र के बावजूद इसकी महंगाई से आम लोग परेशान हैं. जबकि,तस्करी से कीमत में और उछाल आया रहा है. गिरफ्तार चालको ने ही खुलासा किया था कि इस दाल को बेतिया से लाया गया है. जिसे नेपाल पहुंचाना था. उक्तदाल वीरंगज के गहवा माई स्थान निवासी कुख्यात दाल तस्कर उमेश प्रसाद के लिए लाया गया था. बताते है कि सीमा पर दाल की तस्करी पिछले कई साल से बंद था़ लेकिन तस्करों के सिंडिकेट द्वारा एकसप्ताह पूर्व हीं खोलवाई गयी है.
उठा रहे फायदा!
दाल भारतीयों के लिए खा रहे नेपाली
खुफिया विभाग ने सरकारी अधिकािरयों को चेताया
पीएमअो को भी भेजी गयी जानकारी
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