बैंक में कहीं नोट मिले, कहीं बिल्कुल नहीं

Published at :13 Nov 2016 12:21 AM (IST)
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बैंक में कहीं नोट मिले, कहीं बिल्कुल नहीं

बेतिया/मझौलिया/लौरिया/सिकटा/चनपटिया : जिले के ग्रामीण इलाकों में 500 और 1000 के नोट जमा करने समेत जरूरत के लिए बैंकों से पैसा निकालने को लेकर लंबी कतार लगी रही. जहां नया नोट नहीं पहुंचे वहां के बैंक कर्मी लोगों को धैर्य बनाये रखने की अपील करते दिखे. मझौलिया में नया नोट नहीं आने से यहां के […]

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बेतिया/मझौलिया/लौरिया/सिकटा/चनपटिया : जिले के ग्रामीण इलाकों में 500 और 1000 के नोट जमा करने समेत जरूरत के लिए बैंकों से पैसा निकालने को लेकर लंबी कतार लगी रही. जहां नया नोट नहीं पहुंचे वहां के बैंक कर्मी लोगों को धैर्य बनाये रखने की अपील करते दिखे.

मझौलिया में नया नोट नहीं आने से यहां के ग्रामीण आर्थिक तंगी के शिकार होने के बावजूद वापस होने को विवश हुए. पीएनबी के दो और एसबीआई के एक एटीएम में पैसा नहीं रहने से परेशानी का सामना करना पड़ा. पीएनबी के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार ने लोगों को आश्वस्त किया कि शनिवार और रविवार को देर रात तक बैंक सेवा में रहेगा.
वहीं एसबीआई के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि बैंक में जगह और स्टाफ की कमी है. स्थिति को नियंत्रण के लिए थाना से पुलिस बल मंगाई गयी है. यहां दारोगा के साथ पुलिस बल तैनात रहे. सिकटा प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई व ग्रामीण बैंक में महिला और पुरूष सुबह से ही लाइन में खड़े होकर राशि जमा कराते दिखे. लेकिन कुछ जगह नये नोट उपलब्ध नहीं रहने से बेचैनी दिखी. इसका असर बाजार पर भी पड़ा.
चनपटिया में नोट जमा कराने और निकासी को लेकर लंबी कतार लगी रही. कुछ बैंकों में नोट पहुंचने पर धक्का मुक्की होती रही. लौरिया प्रतिनिधि के अनुसार यहां के विभिन्न बैंकों में पैसे जमा करने और निकासी के लिए स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक, यूनियन बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा में सुबह से ही लंबी कतार लगी रही.
नहीं पहुंचे नये नोट पुराने छोटेनोट व सिक्कों से काम चला रहे बैंक
बेतिया. देश में बंद हुए 500 और 1000 के करेंसी के बाद शुरु हुई आमजनता की परेशानी शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही. लोग नोट बदलने व जमा करने के लिए सुबह से हीं बैंको के आगे कतार में लगने शुरु हो गये। यहीं हाल शहर के एटीएम का भी रहा. वहां भी लम्बी लम्बी कतारे लगी रही.
हालांकि एटीएम खुलने से लोगो को रोजमर्रा के खर्चे जुटाने में थोड़ीराहत जरुर मिली. चौथे दिन एटीएम की संख्या बढ़ने से भी लोगो को सहुलियत मिली. लेकिन उसके लिए घंटों पसीना बहाना रहा। यहीं हाल बैंको में भी रहा. एसबीआई सहित कई बैंकों ने उपलब्ध कर्मियों के हिसाब से अतिरिक्त काउंटर भी बनाये है.
लेकिन लोगों की भारी भीड़ के आगे उनकी यह व्यवस्था बौना साबित हो रहा था.हालांकि कई जगह बैंक के बड़े अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करते हुए स्वंय उनकी समस्याओ को दूर करने का प्रयास किया. बाहर से नये नोट नही आनेसे लेन देन पर व्यापक असर पड़ा. बैंक शाखाओ मेंउपलब्ध छोटे नोट व सिक्को के बदौलत बैंको ने काम चलाया. इसकी वजह कुछ लोगो को नोट मिला तो कुछ लोग मुंह लटकाये बैंरग लौट गये.
बंद नोटों से जल्द पीछा छुड़ाने की मंशा ने बढ़ायी बैंकों में भीड़ : 8 नवम्बर की मध्य रात्रि से बंद हुए 500 और 1000 के नोट बैंको में जमा करने के लिए सरकार ने 30 दिसम्बर तक की समय सीमा निर्धारित की है. लेकिन लोग जल्द से जल्द ऐसेनोटो से पीछ़ा छुड़ाना चाहते है .
इसकी वजह से बैंकों में लम्बी लम्बी कतारे लग रही है. जबकि लोग यदि दी गयी 50 दिनों की मोहलतका ख्याल रखते हुए बैंको मेंजाते तो शायद इतनी भीड़ नहीं होती और रोजमर्रा की जरुरत के लिए नोट बदलनेवाले लोगो को भी राहत मिलती.
बेतिया में एटीएम के बाहर लगी लंबी कतार .
एटीएम के बाहर लगी लंबी कतार .
परेशानी
बैंककर्मी कर रहे लोगों से धैर्य बनाये रखने की अपील
मझौलिया में बुलानी पड़ी पुलिस, देर शाम तक सेवा का आश्वासन
चौथे दिन बढ़ी एटीएम की सेवा , फिर भी लगी रही लंबी-लंबी कतारें
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