भिखनाठोरी में जल संकट
Updated at : 04 Aug 2017 5:02 AM (IST)
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परेशानी. सरकारी टैंकर बंद, नदी का पानी पीने को मजबूर लोग एक दो चालू नलके पर पानी के लिए रोज हो रही मारामारी गौनाहा : इंडो नेपाल बॉर्डर के भिखनाठोरी के ग्रामीणों के बीच पानी के लिए त्राहिमाम मची हुई है. सरकारी जलापूर्ति की तमाम व्यवस्थाएं ठप हो जाने से लोग नदियों के पानी पीने […]
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परेशानी. सरकारी टैंकर बंद, नदी का पानी पीने को मजबूर लोग
एक दो चालू नलके पर पानी के लिए रोज हो
रही मारामारी
गौनाहा : इंडो नेपाल बॉर्डर के भिखनाठोरी के ग्रामीणों के बीच पानी के लिए त्राहिमाम मची हुई है. सरकारी जलापूर्ति की तमाम व्यवस्थाएं ठप हो जाने से लोग नदियों के पानी पीने को विवश हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि एक तो पीएचइडी विभाग की ओर से लगायी गयी टोंटी फेल हो चुकी है.
दूसरी ओर सरकारी स्तर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर बंद हो गया है. इससे लोग पीने के पानी के लिए बेहद परेशान हाल हैं. ग्रामीणों में शेषनाथ यादव, कमलेश ठाकुर, लीला देवी, मुनचुन देवी, मोती पासवान, दयानंद गुप्ता, पूर्व मुखिया दयानंद सहनी समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि भिखनाठोरी इलाके में जलस्तर गिर जाने से यह स्थिति पैदा हुई है.
ग्रामीणों का आरोप है कि जो एक दो टोंटी चालू है. उस पर मारामारी की स्थिति है. कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस नलके पर आये रेंजर मो. अफसार अपने पुलिस के साथ आये और पानी लेकर ठोरी रेंज चले गये और जाते-जाते एक कागज पर लिखित आश्वासन देकर दे गये कि दो दिनों के अंदर पानी की क्षमता बढ़वा देंगे. लेकिन कई माह बीत गये. लेकिन पानी की क्षमता नहीं बढ़ी सकी. यहां पूरे भिखनाठोरी एक दो टोंटी ही चालू है वहां सुबह से शाम तक गैलन लेकर लाइन में पानी लेना सबके वश की बात नहीं. यहां कई बार पानी को लेकर मारपीट हो चुकी है.
कई ग्रामीणों ने बताया कि नदी की गंदा पानी पीने के कारण चाह माह पूर्व 40 वर्षीय ओमप्रकाश चौहान की मौत किसी बीमारी से हो गयी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि यहां पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गयी तो वे वनविभाग के पदाधिकारियों का घेराव करेंगे. इसकी सारी जवाबदेही प्रशासन की होगी.
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