जीएसटी का पहला दिन, अनजान दिखे खुदरा ग्राहक

Published at :02 Jul 2017 12:56 AM (IST)
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जीएसटी का पहला दिन, अनजान दिखे खुदरा ग्राहक

बेतिया : भले ही देश में जीएसटी कानून लागू कर दी गयी है, लेकिन बेतिया में जीएसटी लागू होने का पहला दिन उहापोह के बीच ही बीत गया. इसमें सबसे बडा बाधा तो विभाग का वेबसाइट ही बनकर सामने आ रहा है. पिछले छह माह से जीएसटी पर काम के चल रहे प्रयास के बावजूद […]

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बेतिया : भले ही देश में जीएसटी कानून लागू कर दी गयी है, लेकिन बेतिया में जीएसटी लागू होने का पहला दिन उहापोह के बीच ही बीत गया. इसमें सबसे बडा बाधा तो विभाग का वेबसाइट ही बनकर सामने आ रहा है.

पिछले छह माह से जीएसटी पर काम के चल रहे प्रयास के बावजूद पहली जुलाई से कई व्यावसायियों को विभागीय स्तर पर पूरी तरह से सफलता नही मिल पायी. कई व्यावसायियों जिनका एक ही प्रोपराइटर के नाम पर वैट नंबर उपलब्ध था तो पॉपअप कराकर जीएसटी मे माइग्रेट करने के दौरान एक ही नंबर प्राप्त हुआ. सबसे खराब हालत उन व्यावसायियों की रही जो बिलिंग पर काम करते है. जबकि टैक्स चोरी करने वाले तो अभी भी आराम की मुद्रा में है.
खुद बेतिया वाणिज्य कर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वाणिज्य कर विभाग अंचल बेतिया में वैट के तहत 7829 व्यावसायी पंजीकृत थे. इनमें से मात्र 60 फीसदी व्यावसायियों का ही वैट जीएसटी माइग्रेट कर पाया है.
जीएसटी बिल पास होने एवं पहली जुलाई से लागू होने के बाद प्रभातखबर ने बाजार में विभिन्न स्तरों पर व्यावसायियों एवं उपभोक्ताओं का मन टटोलने का काम किया. ज्यादातर व्यवसायी जीएसटी के पक्ष में दिखे. कुछ जगहों पर नये तरह से जीएसटी के मुताबिक बिलिंग शुरू करने की बात कही गयी तो छोटे दुकानों पर अभी तक कोई भी वस्तू जो पुराने दर पर मिल रही थी़ उसी दर पर व्यावसायियों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है.
गल्ला व्यवसायी मुन्ना कुमार, उमेश समेत अन्य जीएसटी पोर्टल पर ब्योरा दाखिल करने की परेशानी से भी जीएसटी बिल को नुकसानदायक मान रहे है. दरअसल जीएसटी में व्यवसायियों को हर महिने अपने खरीद बिक्री के ब्योरा का जीएसटीपोर्टल पर दाखिल करने होंगे. जिसके लिए उन्हें खरीद बिक्री का पूरा ब्योरा उपलब्ध रखना होगा. जानकार बताते है कि अब इसके लिए सबसे पहले पंजीयन कराना होगा. जो अभी हो नहीं रहा है. ऐसे में व्यवसायी इसलिए चिंतित है कि अब उन्हें जीएसटी में पंजीकरण कराने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं है.
व्यवसायियों की रही अलग-अलग प्रतिक्रिया
कपड़ा व्यवसायी बहूरानी शॉप के अमित लोहिया ने कहा कि जीएसटी का फैसला सही है. यह सही समय पर लिया गया है. यदि त्योहार के समय पर लिया जाता तो मुश्किलें पैदा होती. फिलहाल जीएसटी के मुताबिक बिलिंग की जा रही है.
मीना बाजार स्थित सर्राफा मंडी के श्रीगोपाल आभूषणालय के हरेंद्र कुमार ने बताया कि जीएसटी के कारण पहले जो दो फीसदी कर लगता था, अब वह पांच फीसदी हो गया है. कहीं न कहीं ग्राहकों पर इसका दबाव करना पड़ेगा. मेकिंग चार्ज भी ग्राहकों से अलग देय होगा.
बावजूद इसके ग्राहकों की सोने की खरीद की जा रही है. नया बिलिंग शुरू कर दिया है. पितांबरी शॉप के गुलजारी लाल सिकारिया ने बताया कि जीएसटी लागू होना देशहित में हैं. इससे सरकार को उचित राजस्व की प्राप्ति होगी. साथ ही ग्राहकों को भी उचित मूल्य का भुगतान करना होगा. आटो मोबाइल्स कारोबारी मार्डन आटो शॉप के प्रबंधक मनोज गोयनका ने कहा कि जीएसटी बेहतर पहल है.
गाड़ियों का दाम सस्ता हुआ है. होटल व्यवसायी ऋद्धि-सिद्धी होटल के मालिक अविरल निलेश ने बताया कि पहले तीन तरह के टैक्स देने होते थे. लेकिन अब एक तरह का टैक्स देना होगा. निश्चित तौर पर यह बेहतर पहल है.
मोबाइल शॉप सिंघानिया कम्यूनिकेशन के हेमंत सिंघानिया ने बताया कि जीएसटी लागू होने से अब पूरे देश में एक ही दाम पर संबंधित कंपनी का मोबाइल फोन मिलेगा. दाम में समानता के चलते छोटे शहरों में भी ब्राण्डेड मोबाइल फोन की बिक्री होगी.
चल रहा प्रशिक्षणों का दौर
जीएसटी लागू होने के पूर्व विभागीय स्तर पर कई चरणों में कार्यशाला का आयोजन किया गया है.
व्यापारियों, निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों, सेवा प्रदाता एजेंसियों आदि को जीएसटी के कायदे कानून के साथ हीं टैक्स जमा करने के तरिको को भी बताया गया. कई बड़े प्रतिष्ठानों की ओर से भी प्रशिक्षण का आयोजन अपने सब डीलरों के लिए कराया जा रहा है. शहर में अपनी सेवा दे रहे चाटर्ड एकाउंट भी शिविर लगाकर लोगों को जीएसटी की बारीकियों को समझाने लगे हैं. व्यवसायियों का मानना है कि एक हफ्ते में सब कुछ क्लिअर हो जायेगा.
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