शिक्षा के क्षेत्र में केविवि जिले के लिए बड़ी उपलब्धि

Updated at : 02 Jan 2017 5:36 AM (IST)
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शिक्षा के क्षेत्र में केविवि जिले के लिए बड़ी उपलब्धि

मोतिहारी : वर्ष 2016 अपनी खट्टी-मिठ्ठी यादों के साथ विदा हो रहा है, परंतु इस वर्ष ने चंपारण को केविवि के रूप में एक ऐसा तोहफा दिया है, जिसे चंपारण सहित संपूर्ण बिहारवासी याद रखेंगे. इस उपलब्धि ने देश के मानचित्र पर मोतिहारी को रेखांकित कर दिया है. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में […]

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मोतिहारी : वर्ष 2016 अपनी खट्टी-मिठ्ठी यादों के साथ विदा हो रहा है, परंतु इस वर्ष ने चंपारण को केविवि के रूप में एक ऐसा तोहफा दिया है, जिसे चंपारण सहित संपूर्ण बिहारवासी याद रखेंगे. इस उपलब्धि ने देश के मानचित्र पर मोतिहारी को रेखांकित कर दिया है. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में 2016 में जिले को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली.

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र का उद‍्घाटन चार अक्तूबर 2016 को हुआ. उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर, केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की उपस्थिति ने इस दिन को ऐतिहासिक बना दिया. कारण कि चंपारणवासियों का वर्षों का सपना इस दिन साकार हुआ. केविवि की स्थापना से एक ओर जहां छात्रों का पलायन रुका वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षा गुणवत्तापूर्ण माहौल भी कायम हुआ.

पहले वर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालय के 14 विषयों में 317 छात्रों का नामांकन इंट्रेंस एक्जाम के आधार पर हुआ. इन छात्र-छात्राओं को 11 राज्यों से आये 66 प्राध्यापकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायी जा रही है. हालांकि सबसे कम समय में केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू करने का श्रेय विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ अरविंद अग्रवाल को जाता है.

अपनी भूमि पर भवन के लिए पीएम से भूमि पूजा कराने की योजना
फिलवक्त जिला स्कूल में इसका हो रहा है संचालन
लंबे संघर्ष के बाद चार अक्तूबर 2016 को हुआ था उद्घाटन
बिहार की प्रतिभाओं को निखार कर नया माहौल बनाने का हो रहा प्रयास
प्रधानमंत्री से भूमि पूजन कराने की योजना
अगले वर्ष में केविवि ने अपनी कुछ योजना बनायी है. कुलपति डाॅ अग्रवाल ने बताया कि यदि विश्वविद्यालय की भूमि अधिग्रहित हो गयी तो प्रधानमंत्री के द्वारा भूमि पूजन कराने की योजना है. कुछ नये फैकेल्टी व नये कोर्स खोले जायेंगे. वहीं कुछ फैकेल्टी को विदेश भेजने की योजना है. फ्रैंक फर्ट विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पारदेशीय समाज कार्य एवं समाज कल्याण शीर्षक पुस्तक में कुलपति डाॅ अग्रवाल ने एक स्वतंत्र लेखा लिखा है. विश्वविद्यालय में स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल पैदा करने के लिए परिसर प्रतिध्वनि नामक पत्रिका तथा छात्र-छात्राओं में सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए परिसर प्रतिभा साहित्यिक पत्रिका भी निकाली जा रही है. विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को समग्र विकास के साथ-साथ बिहार के खोये हुए शैक्षणिक गौरव को देश-विदेश में पुन: स्थापित करना है. महात्मा गांधी की कर्मभूमि में बना यह विश्वविद्यालय बिहार की प्रतिभाओं को निखार कर एक नया माहौल तैयार करने को प्रयासरत है.
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