हर सांस में ‘जहर’ खींच रहा रक्सौल

Updated at : 27 Mar 2015 8:40 AM (IST)
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हर सांस में ‘जहर’ खींच रहा रक्सौल

रक्सौल : लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने रक्सौल में सड़क निर्माण की अनुमति दी. इसके बाद टेंडर हुआ और काम भी शुरू हो गया है. लेकिन अर्धनिर्मित सड़क में प्रयोग किये जा रहे मैटिरियल से उड़ रही धूल के कारण शहर के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. मनोकामना मंदिर से लेकर कस्टम […]

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रक्सौल : लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने रक्सौल में सड़क निर्माण की अनुमति दी. इसके बाद टेंडर हुआ और काम भी शुरू हो गया है. लेकिन अर्धनिर्मित सड़क में प्रयोग किये जा रहे मैटिरियल से उड़ रही धूल के कारण शहर के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है.
मनोकामना मंदिर से लेकर कस्टम तक पूरे मुख्य पथ पर उड़ रही धूल के कारण आमलोगों के साथ-साथ रक्सौल बाजार के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है.
इन सबके बीच रक्सौल में उड़ रही धूल को चिकित्सक धीमा जहर मान रहा है, जो कि रक्सौल में रहने वाले लोगों के लिए कुछ दिन में परेशानी का सबब बन सकता है. धूल भरी हवा में सांस लेने व चलने मात्र से एक दर्जन से अधिक ऐसी परेशानियां होती हैं, जिससे अंत में बड़ी बीमारियों के होने की संभावना प्रबल हो जाती है. चिकित्सक बताते हैं कि धूल किसी भी सूरत में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं है. अगर आप धूल से बचाव नहीं करते है तो जानलेवा बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. वहीं चैत के मौसम में बहनेवाली तेज हवा भी आग में घी का काम कर रही है.
क्यों हो रही परेशानी
सड़क निर्माण में लगी कंपनी द्वारा स्टोन डस्ट सड़क निर्माण के लिए बिछाया गया है. जिस पर नियमित तौर पर पानी नहीं पटाया जाता है.
मनमर्जी के हिसाब से निर्माण कंपनी पानी पटवाती है. इस बीच गरमी व धूप के कारण नाकाफी पानी सूख जाती है और इसके बाद वाहनों के परिचालन होने पर धूल की समस्या शुरू हो जाती है. लोग रूमाल से नाक को बचाने का असफल प्रयास करते तो चेहरे व बाल पर भी इस धूल का प्रतिकूल असर हो जाता है. इसके साथ ही कपड़े भी गंदे हो जाते हैं.
इन बीमारियों का है डर
धूल भरी हवा में सांस लेने से श्वास संबंधी स्नोफिलिया, निमोनाटाइटिस, खांसी, अस्थमा जैसी बीमारी जकड़ लेती है, जो की बाद में अस्थमा क्षय रोग में बदल जाती है. इससे खतरा बढ़जाता है.
डॉ शरतचंद्र शर्मा ने बताया कि सांस के रास्ते शरीर के अंदर फेफड़े व दिल तक पहुंचने वाली धूल बाद में हृदय रोग का शिकार बना सकती है. उन्होंने बताया कि इसके साथ चर्म रोग, स्किन रैशेज, बाल के लिए हेयर फॉल जैसी समस्या धूल के कारण आम बात है. वहीं आंख पर भी धूल का गहरा असर पड़ता है. बाइक चालकों को चाहिए कि वे बाइक ड्राइव करते वक्त चश्मे व हेलमेट का
प्रयोग करें.
कैसे करें खुद को सुरक्षित
चिकित्सक डॉ शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के हालात में जरूरत हो, तभी घर से निकले और निकलने पर मास्क लगाकर निकले. साथ ही हेयर फॉल से बचाव के लिए टोपी या पगड़ी लगा कर चले और स्किन रैसेज व डिजीज से बचने के लिए पूरा शरीर ढक कर चले. साथ ही रात को घर जाने के बाद गुड़ खाये और गरम पानी से गलाली करें. जिससे आप अपने आप को धूल से होने वाली बीमारियों से बचा सकते हैं. साथ ही आंख के बचाव के लिए प्रतिदिन सुबह व शाम ठंडे पानी से आंख को धोने से आंख संबंधी बिमारियों के आना का खतरा कम होता है.
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