बोरा की कमी व नमी का बनाया जा रहा बहाना

Updated at : 07 Jan 2015 9:55 AM (IST)
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बोरा की कमी व नमी का बनाया जा रहा बहाना

बंजरिया : धान अधिप्राप्ति की सूचना के बाद भी प्रखंड क्षेत्र के किसी भी पैक्स द्वारा धान की खरीदारी शुरू नहीं की गयी है़ मजबूरी में किसान सेठ व साहूकारों के हाथों शोषित हो रहे हैं. पकड़िया में एक धान क्रय केंद्र खोला गया है, वह भी कभी नहीं खुलता है़ सोमवार को क्रय केंद्र […]

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बंजरिया : धान अधिप्राप्ति की सूचना के बाद भी प्रखंड क्षेत्र के किसी भी पैक्स द्वारा धान की खरीदारी शुरू नहीं की गयी है़ मजबूरी में किसान सेठ व साहूकारों के हाथों शोषित हो रहे हैं.
पकड़िया में एक धान क्रय केंद्र खोला गया है, वह भी कभी नहीं खुलता है़ सोमवार को क्रय केंद्र पर ताला लटका हुआ था, वहां कोई विभागीय व्यक्ति मौजूद नहीं थ़े
क्या है लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2014-15 में पूरे प्रखंड के 13 पैक्सों द्वारा 4900 मीटरिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है़ ऐसा नहीं कि लक्ष्य प्रखंड स्तर से बनाया जाता है़ लक्ष्य का निर्धारण प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के सामने सभी पैक्सों द्वारा किसानों की संख्या व पैदावार के अनुसार किया जाता है़
समर्थन मूल्य निर्धारित
केंद्र सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1360 रुपया प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य सरकार द्वारा 300 रुपया प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गयी है़
कहते हैं पैक्स अध्यक्ष
चैलाहां पैक्स अध्यक्ष हरिशंकर प्रसाद कहते हैं कि धान में 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी है, इसके कारण खरीदारी नहीं हो रही है़ अध्यक्ष बताते हैं कि क्रय केंद्र पदाधिकारी द्वारा कहा गया है कि मिल से एग्रीमेंट नहीं हुआ है, गोदाम नहीं है़ वहीं रोहणिया पैक्स अध्यक्ष बताते हैं कि बैंक से पैसा नहीं मिला है़ कैसे खरीद करें. किसान सोनालाल राय, रत्नेश राय, पप्पू राय व चुमन सिंह बताते हैं कि हमलोग पैक्सों में जाते हैं तो बताया जाता है कि अभी आदेश नहीं आया है़ किसान बताते हैं कि नमी वाला धान स्टोर नहीं करते है़ं धान सूखा कर ही घर में रखा जाता है
कहते हैं अधिकारी
प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अभिजीत गौतम कहते हैं कि नमी के कारण पैक्सों को बॉयलर खरीदने का आदेश दिया गया है़
वैसे सभी पैक्सों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने पैक्सों में खरीदारी करें पकड़िया में एसएफ सी केंद्र खोला गया है़ वहीं बीडीओ रमेंद्र कुमार कहते हैं कि सभी पैक्सों को रसीद दी जा चुकी है़ क्यों नहीं खरीदारी कर रहे हैं, इसकी जांच की जायेगी़
पताही.
धान अधिप्राप्ति को लेकर सरकारी घोषणा के दो माह बीत जाने के बाद भी प्रखंड क्षेत्र में धान खरीदारी शुरू नहीं हो सका है, जबकि एसएफ सी के क्रय केंद्र पर भी धान की अधिप्राप्ति नहीं हो सकी है़ इस कारण गरीब किसान अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए धान को महाजन के हाथों कम दामों में बेचने को मजबूर है़.
प्रखंड के 15 पैक्सों में से दस को धान खरीदने का अधिकार पूर्व से प्राप्त है़ पांच को इस वर्ष खरीदने का अधिकार विभाग द्वारा दिया जा रहा है, जबकि एसएफ सी द्वारा भी खरीदारी करनी है़ हालांकि पिछले वर्ष इन सभी एजेंसियों ने कागजी कसरत कर अपने को अव्वल साबित कर लिया था़ सरकार की घोषणा व स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण सैकड़ों किसान कम कीमत पर महाजन के हाथों धान बेचने को विवश हैं.
प्रखंड को 2705 मीटरिक टन धान खरीदारी का लक्ष्य है़ यह लक्ष्य सरकार द्वारा निर्धारित नहीं है, बल्कि यह पैक्सों द्वारा किसानों की संभावित सूची से प्राप्त होता है़ पैक्स अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह व विद्यानंद सिंह कहते हैं कि सरकारी आदेश के बावजूद स्थानीय स्तर पर बोरा की कमी और धान में नमी का बहाना बनाकर एसएफ सी द्वारा अभी लेने से मना करना सबसे बड़ी समस्या बन गया है़ जबकि किसान कमल प्रसाद सिंह व रामबाबू गुप्ता कहते हैं कि सरकारी मूल्य की आस में हमारी आवश्यकता पूरी नहीं हो सकती़ हमलोगों को गेहूं के बीज, खाद व बोआई के लिए पैसे की आवश्यकता होती है़ वहीं बीडीओ समर कुमार कहते हैं कि जो हुआ वह अब नहीं होगा़ किसानों का धान हर हाल में खरीदारी करनी होगी़
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