वैकल्पिक व्यवस्था है एडीआर: न्यायमूर्ति

Updated at : 13 Apr 2014 5:57 AM (IST)
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वैकल्पिक व्यवस्था है एडीआर: न्यायमूर्ति

मोतिहारीः न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों कीबोझ को कम करने का हीं वैकल्पिक व्यवस्था है. अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजोलुशन से मुकदमों में कमी के साथ-साथ समाज में शांति कायम होती है. उक्त बातें शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में वैकल्पिक विवाद निराकरण भवन के उद्घाटन के दौरान पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह चंपारण मंडल के […]

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मोतिहारीः न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों कीबोझ को कम करने का हीं वैकल्पिक व्यवस्था है. अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजोलुशन से मुकदमों में कमी के साथ-साथ समाज में शांति कायम होती है. उक्त बातें शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में वैकल्पिक विवाद निराकरण भवन के उद्घाटन के दौरान पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह चंपारण मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजयेंद्र नाथ एवं जिला जज वि के सिंह ने अपने संबोधन में कही.

इस दौरान न्यायमूर्ति ने पंडित सुनील दूबे द्वारा वेद मंत्रों के उच्चरण के बीच नवनिर्मित एडीआर भवन का फीता काट कर उद्घाटन किया एवं आयोजित मेगा लोक आदालत का शुभारंभ किया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर की गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता वि के सिंह ने किया.

संचालन डायट के डायरेक्टर पंकज श्रीवास्तव एवं सदस्य नीशा यादव संयुक्त रूप से किया. इस दौरान जिला जज ने पटना के न्यायमूर्ति श्रीनाथ को बुके देकर सम्मानित किया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह एसीजेएम रामबाबू त्रिपाठी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी श्रीधर सी, आरक्षी अधीक्षक विनय कुमार, जिला न्यायाधीश वी के सिंह एवं परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र को बुके देकर सम्मानित किया.

डायट इंस्ट्च्यूट की छात्रओं ने न्यायमूर्ति की अगवानी में स्वागत गान प्रस्तुत की. तत्पश्चात मेगा लोक अदालत में मामले के निष्पादन का सिलसिला प्रारंभ हो गया. शनिवार को आयोजित मेगा लोक आदालत का निगरानी प्राधिकार के सचिव श्री त्रिपाठी द्वारा किया जा रहा था. आयोजित मेगा लोग आदालत में समाचार प्रेषण तक लगभग तीन हजार मामले समझौता के आधार पर निष्पादित किये गये. प्राधिकार द्वारा 19 बेंचों का गठन किया गया था.

प्रथम बेंच में नवम अवर न्यायाधीश डीएन सिंह, द्वितीय में सिकरहना मुंसिफ कैलाश जोशी एवं तृतीय बेंच में सप्तम सबजज देवराज त्रिपाठी के नेतृत्व में मनोनीत बेंच के सदस्यों द्वारा मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. जिसमें भारतीय स्टेट बैंक से संबंधित मामले निष्पादित हो रहे है. वहीं चौथे बेंच में अष्ठम सबजज अरविंद सिंह एवं छठे बेंच में तृतीय सब जज आर के प्रसाद एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एस के झा द्वारा सेंट्रल बैंक के मामलों का निष्पादन समझौता के आधार पर किया गया.

पंचम बेंच चतुर्थ सबजज एन के तिवारी एवं अधिवक्ता मनोज तिवारी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के मामलों का निष्पादन समझौते के आधार पर किया गया. इसी प्रकार सभी 19 बेंचों पर गठित बेंच के अधिकारियों द्वारा मामलों को निष्पादन किया गया.

हेल्प डेस्क भी बनाया गया था.

मेगा लोक आदालत में पक्षकारों को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए हेल्प डेस्क बनाया गया था. जिसको अधिवक्ता रामकांत पांडेय संभाल रहे थे.

मेगा लोक आदालत के दौरान सभी न्यायिक पदाधिकारी एवं स्थायी लोक आदालत के सहायक स्टोनो रंधीर कुमार एवं अरूणोश कुमार सहित सभी न्यायालय कर्मी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने में लगे हुए थे.

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