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buxar news : डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में तोड़फोड़ व हंगामा

buxar news : ट्रक की चपेट में आने से जख्मी बाइक सवार को एंबुलेंस नहीं मिलने पर भड़का गुस्साडॉक्टर व डीएस को जान बचाने के लिए छिपना पड़ा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

buxar news : डुमरांव. शुक्रवार की शाम डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब एंबुलेंस की उपलब्धता में हुई देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी.

स्थिति इतनी भयावह हो गयी कि प्रभारी उपाधीक्षक डॉ श्रुति प्रकाश और इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ लोकेश कुमार को अपनी सुरक्षा के मद्देनजर अनुमंडल कार्यालय के सभागार में शरण लेनी पड़ी. घटना ओपीडी सेवा समाप्त होने के बाद इमरजेंसी समय करीब चार बजे की बतायी जा रही है. जानकारी के अनुसार बड़का ढकाईच गांव निवासी करन दुबे (पिता निर्मल दुबे) तथा डुमरांव निवासी भोला दुबे (पिता स्व सतेंद्र दुबे) अन्य साथियों के साथ बाइक से लौट रहे थे. चौकियां गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. हादसे में करन दुबे गंभीर रूप से घायल हो गये, जबकि अन्य को भी चोटें आयीं. सभी घायलों को आनन-फानन में अनुमंडल अस्पताल लाया गया.

रेफर के बाद एंबुलेंस बनी परेशानी का कारण

इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने करन दुबे की हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया. रेफर के बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाने से परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. अस्पताल परिसर में देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. अस्पताल प्रशासन के अनुसार अनुमंडलीय अस्पताल में कुल चार एम्बुलेंस हैं. इनमें से एक साप्ताहिक विश्राम पर थी, जबकि तीन अन्य प्रसव पीड़ित महिलाओं को लाने-ले जाने में व्यस्त थीं. इसी वजह से रेफर मरीज के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी.

भवन के शीशे टूटे, दो स्ट्रेचर भी क्षतिग्रस्त

आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया. इस दौरान दो स्ट्रेचर क्षतिग्रस्त कर दिये गये और अस्पताल भवन के तीन शीशे तोड़ दिये गये. भय के माहौल में कई स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आये, जिससे कुछ समय के लिए इलाज व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही डुमरांव थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस के हस्तक्षेप से हालात पर नियंत्रण पाया गया. इसके बाद निजी अस्पताल की एंबुलेंस से करन दुबे को सदर अस्पताल भेजा गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया.

वैकल्पिक व्यवस्था की उठी मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से आपात स्थितियों के लिए वैकल्पिक एंबुलेंस व्यवस्था और अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की. लोगों का कहना था कि गंभीर मरीजों के मामले में थोड़ी-सी देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है. वहीं प्रभारी उपाधीक्षक डॉ श्रुति प्रकाश ने कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़ और कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने बताया कि इस मामले में डुमरांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके.

दर्ज करायी जायेगी प्राथमिकी

प्रभारी उपाधीक्षक डॉ श्रुति प्रकाश ने कहा कि एंबुलेंस में देरी को लेकर दर्जनों लोगों ने अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की. सभी एंबुलेंस कार्यरत थीं, लेकिन स्थिति इतनी बिगड़ गयी कि हमें अपनी जान बचाने के लिए छिपना पड़ा. पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

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