ePaper

2020 में लापता दो बच्चों को अब तक नहीं ढूंढ पायी पुलिस

Updated at : 21 Jan 2026 10:43 PM (IST)
विज्ञापन
2020 में लापता दो बच्चों को अब तक नहीं ढूंढ पायी पुलिस

शहर के किला मैदान से गत 12 जनवरी को भाई-बहन विकास और शीतल को लापता होने के बाद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसके घर पहुंचकर पुलिस परिजनों से बातचीत तक नहीं की.

विज्ञापन

बक्सर. शहर के किला मैदान से गत 12 जनवरी को भाई-बहन विकास और शीतल को लापता होने के बाद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसके घर पहुंचकर पुलिस परिजनों से बातचीत तक नहीं की. जबकि, खोजबीन के लिए उसके माता और पिता बुधवार को वाराणसी पहुंचे थे. मगर बच्चों का कुछ पता नहीं चला. हालांकि विकास और शीतल के बक्सर जिला से लापता होने का यह पहला मामला नहीं है. बल्कि इसके पहले भी साल 2020 में बक्सर जिला से दो बच्चे लापता हो गये. जिनको ढूढ़ने में बक्सर पुलिस अब तक असफल रही. जबकि औद्योगिक थाना क्षेत्र के दलसागर गांव से लोहा चौहान का दस वर्षीय पुत्र विशाल चौहान की तलाश को लेकर एसपी के निर्देश पर एसआइटी टीम गठित की गयी थी. इस मामले को लेकर पटना उच्च न्यायालय ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को किशोर को जल्द तलाश करने का निर्देश दिया था. मगर हाइकोर्ट के निर्देश के बावजूद भी आज तक लोहा चौहान का कुछ पता नहीं चला. वही 12 अक्टूबर 2020 को औद्योगिक थाना क्षेत्र के निरंजनपुर गांव के रहने वाले अमरंजन सिंह का पुत्र वीर प्रताप सिंह के लापता होने के बाद पांच साल बाद भी पुलिस ढूंढ नहीं पायी. दोनों मामला में परिजनों का आरोप रहा कि अब तक पुलिस कुछ मदद नहीं कर पायी. केवल आश्वासन पर आश्वासन देती रही, मगर सुराग कुछ नहीं मिला. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ने जताया विरोध : किला मैदान के नजदीक स्थित दलित बस्ती से नौ दिनों से गायब भाई-बहन के मामला को लेकर वार्ड नंबर 15 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्याम प्रकाश ने कहा कि इस मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है. मामला संज्ञान में आने के बाद भी अब तक पुलिस परिजनों के घर नहीं गयी. जबकि गायब-भाई- बहन की मौसेरी बहन मनीषा ने कहा कि परिजन बच्चों को खोजने के लिए दर-दर भटक रहे हैं. पुलिस हाथ पर हाथ धर बैठी है. प्रशासन का कोई मदद नहीं मिल रहा है. पुलिस प्रशासन के खिलाफ परिजनों का आक्रोश : दलित बस्ती के लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. किसी को भी बस्ती में देखने पर लोग बच्चे के बारे में पूछने लगते हैं. लापता बच्चों का पता नहीं चलने पर दलित बस्ती के लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो रहे हैं. मां बदहवास, बस्ती में सन्नाटा : लापता बच्चों के बाद दलित बस्ती में हर तरफ सन्नाटा पसरा है. बस्ती के लोग विकास और शीतल को लेकर मायूस हैं. मां गीता देवी बेसुध पड़ी है. लापता बच्चों के मां. और पिता का रो-रो कर बुरा हाल है. गीता देवी के घर नौवे दिन भी चूल्हा नहीं जला. घर के दरवाजा पर बस्ती के लोगों को हर पल झुंड लगा रहता है. लोग इस उम्मीद है कि कोई उन्हें लापता बच्चों के बार में कुछ बता दें. बस्ती के लोगों का कहना है कि बच्चों के बारे में कुछ भी जानकारी मिलने पर मां और पिता उन्हें खोजने उस जगह पर पहुंच जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन