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नगर में इन दिनों नहीं हो रही डोर टू डोर कचरे का उठाव, सफाई व्यवस्था के प्रति नगर परिषद उदासीन

Updated at : 19 Dec 2025 10:25 PM (IST)
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नगर में इन दिनों नहीं हो रही डोर टू डोर कचरे का उठाव, सफाई व्यवस्था के प्रति नगर परिषद उदासीन

नगर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के नाम पर पूर्व के बजट में डेढ़ गुणा वृद्धि करते हुए एक करोड़ 16 लाख कर दिया गया है.

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बक्सर. नगर की सफाई व्यवस्था काफी प्रभावित हो गया है. जबकि नगर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के नाम पर पूर्व के बजट में डेढ़ गुणा वृद्धि करते हुए एक करोड़ 16 लाख कर दिया गया है. इसके बावजूद नगर की सफाई व्यवस्था पूर्व की अपेक्षा काफी प्रभावित हो गया है. नगर के वार्डों में गुंजने वाली सफाई कर्मियों की विसिल अब कुंठित हो गयी है. पिछले एक साल से नहीं सुनाई दे रही है. डोर टू डोर घरों से कचरे का उठाव की योजना धराशायी हो गई है. यह योजना वार्ड पार्षदों के साथ नगर परिषद के अधिकारियों के भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है. जिसके कारण नगर की प्रभावित सफाई व्यवस्था पर न तो वार्ड पार्षद कभी आवाज उठाते है और न ही नगर परिषद के अधिकारी ही इस ओर ध्यान देते है. यह योजना भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है. नगर के हर वार्ड में प्रतिदिन 7 से 8 सफाई कर्मियों का कागज में काम लिया जाता है. इसके साथ ही नगर की सफाई के लिए करीब 525 की संख्या में सफाई कर्मियों को लगाया गया है. जबकि कुल 42 वार्डों में दो तीन वार्डों को छोड़ नगर के सभी वार्डों में 2 से तीन ही सफाई कर्मी काम करते नजर आयेंगे. शेष मजदूर भी भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गये है. वहीं नगर की सफाई केवल मुख्य सड़क तक ही सीमित है. जिसकी सफाई के बाद नगर परिषद के साथ ही सफाई एजेंसी अपने कार्यों को इतिश्री मान लेता है.

नगर में विसिल की नहीं सुनायी दे रही है आवाज : नगर में विसिल की आवाज सुनाई नहीं दे रही है. नगर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए नप अधिकारियों ने डोर टू डोर हर प्रकार के अलग-अलग कचरा का उठाव करने के लिए टीम बनाया गया था. जो विसिल के माध्यम से डोर टूू डोर कचरा का उठाव करते थे, लेकिन फिलहाल कचरा का डोर टू डोर न तो उठाव हो रहा है और न ही नगर में विसिल की आवाज ही कहीं सुनायी दे रही है.

नगर में कुल 500 से ज्यादा कर्मियों के सहारे होती है सफाई : नगर की संपूर्ण सफाई को लेकर कुल 525 के करीब कर्मियों के माध्यम से कराई जाती है. सफाई कर्मियों की इस संख्या के आंकड़ा केवल कागजों पर ही सीमित है. नगर परिषद के सफाई कर्मियों में आधे से भी कम की संख्या में प्रतिदिन सफाई कर्मी सफाई कार्य में लगे रहते है. जबकि एजेंसी के द्वारा प्रतिदिन लगभग सफाई के लिए 525 की संख्या में हाजिरी लिया जाता है. नगर परिषद से कर्मियों का ऑन लाइन हाजिरी बनाने के लिए भी अभियान चलाया गया. लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह सिस्टम फेल हो गया.

बजट बढ़ा पर सफाई की व्यवस्था हुई खराब : नगर परिषद में नई एजेंसी को सफाई की बजट में डेढ़ा वृद्धि कर दिया गया. इसके बावजूद नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. पहले से खराब स्थिति हो गई है. बक्सर नगर परिषद अंडर 10वीं रैंक से पिछड़कर अंतिम पायदान पर चला गया है. जबकि नगर परिषद का पूर्व बजट प्रतिमाह 84 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ सोलह लाख रूपये कर दिया गया है. इसके बावजूद नगर परिषद की सफाई व्यवस्था केवल मेन रोड तक ही सीमित है.

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर परिषद क्षेत्र में सफाई का कार्य प्रतिदिन हो रहा है. यदि डोर टू डोर उठाव नहीं हो रहा है तो उसकी जांंच करायी जायेगी. इसको लेकर एजेंसी से कारण पृच्छा किया जायेगा.

रवि कुमार सिंह, नगर परिषद स्वच्छता अधिकारी, नगर परिषद, बक्सर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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