परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मॉक डेमो कर किया अभ्यास

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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मॉक डेमो कर किया अभ्यास

प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने सीपीआर की तकनीकी बारीकियों को सरल भाषा में समझाया और मॉक डेमो के माध्यम से उसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया.

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बक्सर. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग के बैनर तले सोमवार को सदर अस्पताल, बक्सर में सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर में सही और त्वरित प्राथमिक उपचार देकर पीड़ित की जान बचाने की क्षमता को विकसित करना था. कार्यक्रम में सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ नमिता सिंह, इमरजेंसी इंचार्ज प्रीति कुमारी, मोटर वाहन निरीक्षक संदीप कुमार, रितिका राज, जीएनएम राधे कृष्ण यादव तथा अस्पताल प्रबंधन दुष्यंत सिंह ने संयुक्त रूप से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया. प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने सीपीआर की तकनीकी बारीकियों को सरल भाषा में समझाया और मॉक डेमो के माध्यम से उसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया. डॉ नमिता सिंह ने बताया कि हृदयगति रुकने या गंभीर सड़क हादसे की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं. यदि इस दौरान सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो व्यक्ति की जान बचायी जा सकती है. उन्होंने सीपीआर के प्रत्येक चरण की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें पीड़ित की स्थिति जांचना, छाती पर दबाव चेस्ट कंप्रेशन की सही विधि, सांस देने की प्रक्रिया और निरंतरता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहे. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले दिया गया सही प्राथमिक उपचार कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है. प्रशिक्षण सत्र के दौरान मॉक डेमो के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से दिखाया गया. प्रतिभागियों को स्वयं सीपीआर का अभ्यास करने का अवसर दिया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके. इस दौरान प्राथमिक उपचार से जुड़े कई सवालों के जवाब भी विशेषज्ञों द्वारा दिये गये. एमवीआइ संदीप कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल और सही उपचार मिलने से उनकी जान बचायी जा सकती है. उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे सीपीआर जैसी जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी अवश्य रखें. उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना के बाद मानवीय जिम्मेदारी निभाने के लिए लोगों को जागरूक करना भी है.

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