Buxar News : चक्की में 33 केवी लाइन पर गिरा ठनका, 10 घंटे ठप रही बिजली
Published by : SHAH ABID HUSSAIN Updated At : 06 May 2025 10:09 PM
तेज हवाओं और हल्की बारिश के साथ गिरी ठनका ने जिलेभर में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह चरमरा दिया. कई क्षेत्रों में दो से लेकर आठ घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी.
बक्सर. सोमवार की रात अचानक मौसम के बदले मिजाज ने जिले की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया. तेज हवाओं और हल्की बारिश के साथ गिरी ठनका ने जिलेभर में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह चरमरा दिया. कई क्षेत्रों में दो से लेकर आठ घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी. सबसे अधिक प्रभावित चक्की स्थित 33 केवी सबस्टेशन रहा, जहां ठनका गिरने से सात पीन इंसुलेटर बलास्ट हो गये. इस कारण पूरे फीडर की आपूर्ति ठप हो गयी और क्षेत्रवासी लगभग दस घंटे तक अंधेरे में रहे. जयपुर और पांडेयपट्टी स्थित 33 केवी के सबस्टेशन भी रात 12 बजे से सुबह तक बंद रहे. जयपुर फीडर से बिजली आपूर्ति सुबह छह बजे और पांडेयपट्टी फीडर से साढ़े छह बजे तक बंद रही. वहीं, बेलाउर 11 केवी फीडर से जुड़े कई क्षेत्रों में सुबह साढ़े दस बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. तेज हवा के कारण जिले के कई हिस्सों में पेड़ों की टहनियां बिजली तारों पर गिर गयीं, जिससे लाइन में फॉल्ट आ गया और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हुई. कहीं बिजली के पोल झुक गये, तो कहीं इंसुलेटर टूट गये. इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली बनी रही. हालात तब और गंभीर हो गये जब बिजली गुल होने के कारण सुबह पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गयी. लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा और गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी. विद्युत विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह युद्ध स्तर पर काम करते हुए दोपहर बाद बिजली आपूर्ति को बहाल किया. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ठनका गिरने से भारी क्षति हुई, लेकिन त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को संभाल लिया गया. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता सूर्यप्रकाश िसंह ने कहा कि तेज हवा और ठनका गिरने से तकनीकी गड़बड़ी उत्पन्न हुई थी, जिससे आपूर्ति बाधित हुई. चक्की फीडर पर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. हालांकि विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए जल्द मरम्मत कार्य पूरा किया. उन्होंने बताया कि भविष्य में इस तरह की आपात स्थिति से निबटने के लिए जर्जर लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और अतिरिक्त उपकरणों की उपलब्धता जैसी योजनाएं तैयार की जा रही हैं.
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