कोरानसराय के ऐतिहासिक डाकबंगला में लगा है कूड़े -कचरे का अंबार

प्रखंड के कोरानसराय पंचायत स्थित ऐतिहासिक डाकबंगला में कूड़-कचरे का ढ़ेर लगा रहता है
डुमरांव . प्रखंड के कोरानसराय पंचायत स्थित ऐतिहासिक डाकबंगला में कूड़-कचरे का ढ़ेर लगा रहता है. जिसके चलते इसके आसपास रहने वाले लोगों के बीच हमेशा महामारी फैलने की आशंका बनी रहती है. ग्रामीण दया शंकर तिवारी, मोहन तिवारी, भोला तिवारी ने बताया कि कोरानसराय मुख्य चौक के करीब मठिला रोड स्थित डाकबंगला जो कभी शक्तिशाली मुगल साम्राज्य शेरशाह के कड़ी चुनौती का मूक गवाह रहा है. आज वहां कूड़े-कचरे का ढेर लगा है. लोगों ने बताया कि आजादी के बाद इस ऐतिहासिक डाकबंगला का देखरेख नहीं होने के कारण इसका अस्तित्व खोने लगा. वावजूद इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोनें के लिए किसी के द्वारा आजतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. नतीजतन यहां की भावी पीढ़ीं आने वाले समय में अपने पुरूखों के साहसिक अतीत से अनजान बनी रहेंगी. गांव के लोग है बेहद दुखी : ग्रामीणों ने बताया कि इस डाकबंगले में कभी शादी विवाह के अवसर बारातियों के ठहरने के लिए व्यवस्था होती थी लेकिन अब इस जगह पर गंदगी के चलते खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है. जब कि आज इस ऐतिहासिक स्थल का हश्र देख गांव के बुजूर्ग बेहद दुखी है. लोगों ने बताया कि अगर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस डाकबंगले पर ध्यान आकृष्ट हो जाता तो इसका कायाकल्प हो जाता, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका. जिसके चलते यह ऐतिहासिक डाकबंगला अपना धीरे धीरे अस्तित्व खोने लगा है और कूड़े-कचरे का भेंट चढ़ गया है. राजस्व वसूली का मुख्य केंद्र था डाकबंगला : यह जगह कभी शक्तिशाली मुगल साम्राज्य शेरशाह के कङी चुनौती का मूक गवाह रहा है. जानकारी के अनुसार मुगल शासक हुमायूं से युद्ध के लिए जाते समय सम्राट शेरशाह के काफिले का कारवां कभी यहीं रूका करता था. वहीं ब्रिटिश हुकूमत के दौरान यहीं पर अंग्रेज शासकों का भी ठहराव हुआ करता था और पूरें इलाके में राजस्व वसूली का मुख्य केंद्र भी यहीं डाकबंगला था चारो तरफ गंदगी का अंबार : लोगों ने बताया कि डाकबंगला परिसर के अंदर हालत ऐसी है कि इसके चारो तरफ गंदगी का अंबार फैला हुआ है जिसके चलते आसपास के लोगों को इस गंदगी से निकलने वाली दुर्गंध से परेशानियों का सामना करना पङता है. जब कि यूरिनल की व्यवस्था नही होने के कारण यहां के बाजार में आने-जाने वाले लोग इसी जगह का प्रयोग करते देखे जा सकते है. जिसके चलते आसपास के लोगों को इस गंदगी से निकलने वाली दुर्गंध से परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




