बक्सर: बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर अब पूरी तरह ऑनलाइन, 29 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

फोटो जिला शिक्षा कार्यालय बक्सर | Prabhat Khabar Network
बिहार में शिक्षकों का तबादला अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल से होगा. 5 साल की सेवा शर्त में ढील दी गई है और अधिशेष शिक्षकों को 30 विकल्प चुनने का मौका मिलेगा.
Buxar News : बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी. शिक्षा विभाग ने अधिसूचना संख्या-656 (दिनांक 25 जून 2026) के तहत बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 लागू कर दी है. नई व्यवस्था के अनुसार आवेदन से लेकर पदस्थापन तक की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से संपन्न होगी. विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी कर दी है.
29 जुलाई से 5 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
शिक्षा विभाग के अनुसार स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जुलाई 2026 से शुरू होकर 5 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे. विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले जमा किए गए सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन अब अमान्य होंगे. केवल ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर किए गए आवेदन ही मान्य होंगे.
पहले चरण में पांच वर्ष की शर्त में दी गई राहत
नियमावली के अनुसार पहले चरण में आवेदन करने के लिए न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा की अनिवार्यता में छूट दी गई है. हालांकि परिवीक्षा अवधि में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे. सेवा अवधि की गणना 31 मार्च 2026 को आधार तिथि मानकर की जाएगी. पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित शिक्षक भी इस बार आवेदन करने के पात्र होंगे.
अधिशेष और अभाव वाले विद्यालयों की सूची होगी जारी
विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नामांकन के आधार पर किया जाएगा. पहले अधिशेष और शिक्षक अभाव वाले विद्यालयों की सूची पोर्टल पर प्रकाशित होगी. जिला स्तर पर सत्यापन के बाद एक ही विद्यालय में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत शिक्षकों को अधिशेष श्रेणी में रखा जाएगा. ऐसे शिक्षकों को शिक्षक अभाव वाले विद्यालयों के लिए अधिकतम 30 विकल्प भरने होंगे. स्थानांतरण अंक आधारित प्रणाली से किया जाएगा.
अंतर-जिला और अंतर-प्रमंडल स्थानांतरण का भी विकल्प
इच्छुक शिक्षक अंतर-जिला स्थानांतरण के लिए अधिकतम पांच जिलों तथा अंतर-प्रमंडल स्थानांतरण के लिए पांच प्रमंडलों का विकल्प दे सकेंगे. 58 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को समानुपातीकरण की प्रक्रिया से छूट दी गई है. वहीं सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों को इस स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखा गया है.
पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का दावा
शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नई नियमावली पूरी तरह पारदर्शी और पोर्टल आधारित है. इसका उद्देश्य राज्य में शिक्षकों की उपलब्धता और आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करना है. विभाग ने बताया कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संशोधित रिक्तियों की सूची जारी कर सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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