बक्सर के छह पावरलिफ्टर बने जिला चैंपियन, अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम

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फोटो- वेट लिफ्टिंग करते खिलाड़ी | Prabhat Khabar Network

बक्सर में आयोजित जिला स्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 6 खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल जीता। अब ये विजेता राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का नेतृत्व करेंगे।

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Buxar News : जिला स्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जगह बनाई है. रविवार देर रात तक चली इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी ताकत व कौशल का प्रदर्शन किया.

कई राउंड के मुकाबले के बाद चुने गए विजेता

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण मुकाबले देर रात तक चले. कई राउंड की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद विभिन्न भार वर्गों में विजेताओं का चयन किया गया. सभी गोल्ड मेडल विजेता अब 6 से 9 अगस्त तक आयोजित राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में बक्सर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे.

इन खिलाड़ियों ने जीता गोल्ड

प्रतियोगिता में वृंदा यादव को 'स्ट्रॉन्ग मैन ऑफ बक्सर' का खिताब मिला. वहीं रितेश कुमार साहू ने पावर बेंच प्रेस में, 120 प्लस भार वर्ग में शिव शंकर पांडेय, 93 किलोग्राम भार वर्ग में उमाशंकर पांडेय सहित कुल छह खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

इनकी रही निर्णायक भूमिका

प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका अविनाश सिंह उर्फ बमबम सिंह, सुबोध कुमार राय, प्रमोद कुमार सिंह और सुनील प्रजापति ने निभाई. प्रतियोगिता का आयोजन जिला प्रशासन एवं जिला पावर लिफ्टिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

दिवंगत संतोष दूबे की विरासत को आगे बढ़ा रहे खिलाड़ी

जिले में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता की शुरुआत दिवंगत संतोष कुमार दूबे के नेतृत्व में हुई थी. उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई और कई युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी भी मिली. आज उनके शिष्य अविनाश कुमार सिंह उर्फ बमबम सिंह और सुबोध कुमार राय नौकरी के साथ-साथ युवाओं को पावर लिफ्टिंग के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

सरकारी सुविधा मिलने पर बढ़ेगा जिले का नाम

आयोजकों और प्रशिक्षकों का कहना है कि यदि बक्सर में आधुनिक वेट लिफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित हो और खिलाड़ियों को सरकारी सुविधाएं मिलें, तो जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं.


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Ashutosh Singh

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By Ashutosh Singh

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