तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरी

Updated at : 29 Apr 2024 10:24 PM (IST)
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तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरी

बिहार सरकार मुफ्त इलाज व स्वास्थ्य विभाग में अमूलचूल परिवर्तन की दावा कर रही है. मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन स्टाफ व चिकित्सकों के अभाव में लोगों को शत-प्रतिशत लाभ नहीं मिल पा रहा है.

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सिमरी.

बिहार सरकार मुफ्त इलाज व स्वास्थ्य विभाग में अमूलचूल परिवर्तन की दावा कर रही है. मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन स्टाफ व चिकित्सकों के अभाव में लोगों को शत-प्रतिशत लाभ नहीं मिल पा रहा है. विशेषज्ञ डाक्टरों के अभाव में मरीज निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए विवश हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरी में डाक्टरों के अभाव के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पडता है. चिकित्सकों के अभाव की वजह से आमजन समुचित इलाज से वंचित है. सिमरी प्रखंड के लगभग तीन लाख की आबादी तीन डाक्टरों के भरोसे है. सिमरी जिला के सबसे बडा प्रखंड होने के बावजूद यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डाक्टरों का अभाव है. जिस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पडता है. भले ही सरकार व स्वास्थ्य विभाग लोगों को समुचित इलाज मुहैया कराने की दावा करती है. लेकिन धरातलीय स्थिति ठीक नहीं है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ, आंख रोग विशेषज्ञ, कार्डिक विशेषज्ञ, एनिथेसिया विशेषज्ञ, सहित अन्य विशेषज्ञ डाक्टरों का पद खाली होने की वजह से मरीजों को जिला मुख्यालय या आरा पटना जा कर इलाज कराना पडता है. विशेषज्ञ डाक्टरों के अभाव में रोगी को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड रहा है. जिससे रोगी को निजी अस्पताल में आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ता है.स्त्री रोग या प्रसुति रोग विशेषज्ञ डाक्टर के अभाव में जीएनएम के सहारे डिलिवरी करायी जाती है. विशेषज्ञ डाक्टरों के अभाव में मरीज को अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है. जिस कारण लोगों को परेशानी होती है. हालांकि सुविधा के अभाव में रेफर करना स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन की विवशता हैडाक्टरों के 13 पद है स्वीकृत : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरी में डाक्टरों के 13 पद स्वीकृत है. लेकिन वर्तमान में 3 डाक्टर ही कार्यरत है. विशेषज्ञ डाक्टरों के पद खाली होने की वजह से मरीजों को परेशानी होती है. मात्र तीन डाक्टरों के भरोसे ही प्रखंड क्षेत्र की लगभग तीन लाख की आबादी है. डाॅक्टरों के अभाव के कारण रोगी समुचित इलाज से वंचित हो रहे हैं. जबकी प्रत्येक दिन औसतन ओपीडी में लगभग 150 मरीज इलाज के लिए आते है. महीने में औसतन लगभग चार हजार पांच सौ रोगी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं.कहते हैं ग्रामीणग्रामीण पुतुल यादव, उमेश तिवारी, महेंद्र कुमार, रिंकू देवी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरी में विशेषज्ञ डाक्टरों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए बक्सर, आरा,पटना का रूख करना पडता है. सरकार से स्त्री रोग विशेषज्ञ, आंख रोग विशेषज्ञ एवं अन्य विशेषज्ञ डाक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. लेकिन सरकार व विभाग के उदासीन रवैया के कारण अबतक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डाक्टर की नियुक्ति नही की गयी है. जिस वजह से मरीजों को परेशानी उठानी पडती है.कहते हैं हेल्थ मैनेजर

हेल्थ मैनेजर संजीव रंजन से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की विशेषज्ञ डाक्टरों की मांग विभाग से की गयी है. जल्द ही विशेषज्ञ डाक्टर की प्रतिनियुक्ति होने की उम्मीद है. उपलब्ध संसाधन के अनुरूप मरीजों को बेहतर इलाज एवं सुविधा उपलब्ध करायी जाती है .मरीजों को परेशानी नहीं हो इसका पुरा ख्याल रखा जाता है. संचालित योजनाओं का लाभ लाभुकों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है.

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