शिक्षा विभाग की नई पहल, बक्सर के नावानगर में समर कैंप से बच्चों की पढ़ाई में होगा सुधार

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Buxar News: बक्सर में सरकार के शिक्षा विभाग की पहल पर बक्सर जिले के नावानगर प्रखंड में ग्रीष्मकालीन समर कैंप की शुरुआत हो गई है. इस अभियान के तहत कमजोर विद्यार्थियों को खेल-खेल में हिंदी और गणित की बुनियादी शिक्षा दी जाएगी, ताकि उनका शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके.

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Buxar News:(त्रिलोकी चौबे) बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की पहल पर नावानगर प्रखंड में ग्रीष्मकालीन समर कैंप का शुभारंभ किया गया. इस विशेष शैक्षणिक अभियान का उद्घाटन केआरपी अमरेश कुमार और केआरपी उषा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान की जानकारी दी.

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29 केंद्रों पर संचालित हो रहा है कैंप

नावानगर प्रखंड में कुल 29 समर कैंप केंद्रों का संचालन शुरू किया गया है. यह कैंप विशेष रूप से कक्षा 5 और कक्षा 6 के उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है, जिन्हें हिंदी पढ़ने, लिखने या सामान्य जोड़-घटाव करने में कठिनाई होती है. शिक्षा विभाग का लक्ष्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है.

खेल-खेल में मिलेगी ट्यूशन जैसी शिक्षा

समर कैंप 1 जून से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश के दौरान प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक संचालित किया जाएगा. बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई विशेष पुस्तकों के माध्यम से खेल-खेल में सरल और रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा. कैंप का स्वरूप ट्यूशन जैसा रखा गया है, ताकि बच्चे बिना दबाव के सीख सकें और उनकी सीखने की क्षमता में सुधार हो.

कमजोर बच्चों की पहचान कर दी जा रही विशेष शिक्षा

प्रत्येक केंद्र पर लगभग 10 से 12 बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शिक्षकों और स्वयंसेवकों को प्रत्येक बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देने का अवसर मिल सके. शिक्षा सेवकों और स्वयंसेवकों द्वारा अपने-अपने टोले, मोहल्लों और नजदीकी विद्यालयों से ऐसे बच्चों की पहचान की गई है, जिन्हें भाषा और गणित की बुनियादी दक्षता में सुधार की आवश्यकता है.

भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाना है लक्ष्य

समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी भाषा (हिंदी) और गणितीय क्षमता को मजबूत बनाना है. इससे कमजोर विद्यार्थी आगामी शैक्षणिक सत्र में अन्य विद्यार्थियों के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उनकी सीखने की गति में भी सुधार होगा.

कई शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान सुधीर कुमार, सौरभ आनंद, रियाजुद्दीन, मनोज कुमार, सरताज, जाहिद अंसारी समेत कई शिक्षाविद, स्वयंसेवक और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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