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buxar news : जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेनी पड़ती है दलालों की मदद

Updated at : 12 Apr 2025 10:02 PM (IST)
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buxar news : जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेनी पड़ती है दलालों की मदद

buxar news : सर्वर स्लो का बहाना बनाकर लोगों को टरकाने में व्यस्त हैं कर्मी

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बक्सर. सदर अंचल कार्यालय में लोगों को जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, इडब्लूएस बनवाने के लिए दलालों का सहारा लेना पड़ता है. या अगर आपकी पैरवी है तो सभी प्रमाण पत्र आसानी से बन जाता है. वरना आप टहलते रहिए .आरटीपीएस काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी के द्ववारा यह कहकर टाल दिया जाता है कि सर्वर स्लो है. शनिवार को जब प्रभात खबर की टीम दिन में 12 बजकर 44 मिनट पर सदर अंचल के आरटीपीएस काउंटर पर पहुंची तो पाया गया कि तीन काउंटर में दो काउंटर बंद है. इस बारे में जांच किया गया तो पता चला कि दो आरटीपीएस काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी छुट्टी हैं. जबकि होमगार्ड की नियुक्ति को लेकर फार्म भरने के लिए सदर प्रखंड के युवा जाति, निवास आय, अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल के आरटीपीएस काउन्टर का चक्कर लगा रहें हैं. प्रभात खबर की टीम से बात करते हुए धर्मेंद्र राय, विवेक कुमार , जितेन्द्र राय, सोनू कुमार, पूजा कुमारी, निधि कुमारी ने बताया कि हम लोग तीन -चार दिन से आ रहे हैं. लेकिन यह कह कर टाल दिया जाता है कि सर्वर स्लो है. लेकिन यह देखा जा रहा कि जिनका संपर्क है. उनका आवेदन संख्या लिख लिया जाता है. और उन सभी का प्रमाण पत्र जनरेट भी कर दिया जाता है. लेकिन हम सभी का कोई संपर्क नहीं होने की वजह से टाल दिया जाता है. वही 1 बजकर 12 मिनट में देखा गया कि बहुत युवा काउंटर रूम के बाहर हो-हंगामा कर रहे हैं. तब जाकर उन सभी युवाओं का केवल निवास प्रमाण पत्र का आवेदन संख्या लिया गया. बाकी जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र का आवेदन संख्या नहीं लिया गया. जिससे युवाओं में आक्रोश था. गार्ड का फार्म भरने की तिथि नजदीक है. प्रमाण पत्र जनरेट नहीं किया जा रहा है. कुछ युवाओं का कहना है कि सरकार के दवारा जाति, निवास अन्य प्रमाण पत्र के लिए सरकार के दवारा सुविधा दिया गया है कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से आवेदन कर ये सभी प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन आवेदन करने के बाद अगर आप आरटीपीएस काउंटर पर मुलाकात नहीं करते तो विभिन्न कारणों को बता कर उसे रद् कर दिया जाता है. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रमाण पत्र अगर बनवाया है तो 100 से 200 रुपये देना पड़ रहा है. हालांकि आरटीपीएस काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी अपने हाथों में पैसा नहीं लेते हैं. उसके लिए वे बाहर के साइबर कैफे से जहां से ऑनलाइन आवेदन करते हैं वही पर उसी समय अगर पैसा दे देते हैं वरना आवेदन विभिन्न कारण बताते हुए रद कर दिया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH KUMAR

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SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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