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Buxar News: जीवन में कष्ट आना लाज़िमी, विपरीत समय में धैर्य धारण करें : राजन जी महाराज

Updated at : 28 Sep 2025 9:44 PM (IST)
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Buxar News: जीवन में कष्ट आना लाज़िमी, विपरीत समय में धैर्य धारण करें : राजन जी महाराज

जो खुशी और परंपरा का प्रतीक थे.अयोध्या नगरी राम के आगमन और सीता के साथ उनके मिलन के आनंद में डूबी हुई थी.

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सिमरी. स्थानीय प्रखंड मुख्यालय के मां कालरात्रि मंदिर के प्रांगण में चल रहे श्री राम कथा के सातवें दिन कथावाचक श्री राजन जी महाराज द्वारा श्रीराम कथा में जब ससुराल से माता सीता को अयोध्या लेकर पहुंचे तो अयोध्या कैसा माहौल था उसका वर्णन करते हुए कहा कि जब भगवान राम माता सीता को ससुराल (जनकपुर) से अयोध्या लेकर पहुंचे, तो पूरा माहौल आनंद और उल्लास से भरा हुआ था. अयोध्यावासियों ने राम और सीता का भव्य स्वागत किया. राम के अयोध्या लौटने के उत्सव के बाद, सीता को उनकी जन्मभूमि से लाया गया था, और उनके आने से जनकपुर से भी उपहार और संदेश भेजे गए थे, जो खुशी और परंपरा का प्रतीक थे.अयोध्या नगरी राम के आगमन और सीता के साथ उनके मिलन के आनंद में डूबी हुई थी. प्रजा ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया. मिथिला की परंपरा के अनुसार, सीता के घर वापस आने पर जनकपुर (सीतामढ़ी) से कई संदेश और उपहार (जैसे कपड़े, बर्तन, रजाई आदि) भेजे गए थे, जो रिश्तेदारी और खुशी का प्रतीक था. अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल था, क्योंकि वे अपने राजा और रानी को फिर से देख रहे थे.यह घटना राम विवाह के बाद की है, जब राम ने सीता को ससुराल से अपनी नगरी में वापस लाकर राजपाट संभाला था. राम और सीता के इस अयोध्या आगमन से नगर में खुशी और पारंपरिक स्वागत का एक अद्भुत माहौल बन गया था

जीवन में परेशानी एक सड़क है

श्री राजन जी महाराज कहते हैं कि जब हमलोग छोटे थे तो लगता था जल्दी बड़े हो जाय लेकिन यह हमारे जिंदगी एक भूल कहा जायेगा क्योंकि अब लगता की बचपन का जिंदगी ही सबसे सुनहरे पल है इसलिए जीवन की हर परेशानी एक सबक होती है, क्योंकि यह हमें सिखाती है, मजबूत बनाती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. समस्याएं व्यक्ति की क्षमता साबित करने का अवसर देती हैं, हमें लोगों को पहचानने और जीवन के अनुभवों से सीखने का मौका देती हैं. बिना मुश्किलों के जीवन ठहर जाएगा और विकास रुक जाएगा, इसलिए इन्हें विकास और सीखने का जरिया मानना चाहिए.परेशानियाँ व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं और उसे जीवन के उतार-चढ़ावों से निपटने का वास्तविक अनुभव देती हैं. कठिनाइयों को हल करने से व्यक्ति समस्या समाधान के कौशल विकसित करता है और भविष्य में आने वाली समान चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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