कैश की कमी से सब्जियों के दाम गिरे

Published at :05 Dec 2016 4:07 AM (IST)
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कैश की कमी से सब्जियों के दाम गिरे

बक्सर : नोटबंदी का असर लोगों के आम जीवन के साथ-साथ सब्जी मंडी, बाजार और रसोइघरों पर थोड़ा बहुत पड़ा है. आम दिनों में ठंड के आगम के साथ ही बाजार में सब्जियों की आवक बढ़ जाती है. आवक बढ़ने के साथ ही सब्जियों के मूल्य में गिरावट आ जाती है. लेकिन, इस बार मूल्य […]

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बक्सर : नोटबंदी का असर लोगों के आम जीवन के साथ-साथ सब्जी मंडी, बाजार और रसोइघरों पर थोड़ा बहुत पड़ा है. आम दिनों में ठंड के आगम के साथ ही बाजार में सब्जियों की आवक बढ़ जाती है. आवक बढ़ने के साथ ही सब्जियों के मूल्य में गिरावट आ जाती है. लेकिन, इस बार मूल्य में गिरावट आने के बाद भी लोग नोटबंदी की मार से पूरा बाजार प्रभावित हुआ है.

सब्जियां तो हैं, लेकिन उनके खरीदार कम जुट रहे हैं. वहीं, विक्रेता अब लग्न व शादी ब्याह पर आश्रित हैं. उनका कहना है कि यदि अभी शादी-ब्याह का माहौल नहीं होता, तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता. उल्लेखनीय है कि आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा की गयी थी. इसके बाद नोटबंदी का असर बाजार पर पड़ा. लेकिन, जब धीरे-धीरे स्थिति में सुधान होने लगा. अब आलम यह है कि लोग बाजार तो जा रहे हैं, लेकिन नाप-तोल कर ही सामान खरीद रहे हैं.

थोक व खुदरा मंडियों में लगभग मूल्य समान : थोक व खुदरा मंडियों में सब्जियों के दामों में अधिक अंतर नहीं है. थोक विक्रेता अधिक उपज होने के कारण कम में देने के लिए तैयार हैं. वहीं, खुदरा विक्रेता खरीदारी कम होने की वजह से मूल्य में बढ़ोतरी नहीं कर रहे हैं. थोक व खुदरा बाजार में 10 से लेकर 20 रुपये का ही अंतर है.
जिले में होती है सब्जी की खेती :
उल्लेखनीय है कि जिले में सब्जियों की खेती व्यापक तौर पर होती है. खुदरा विक्रेताओं को खरीदारी करने के लिए अधिक दूर नहीं जाना पड़ता है. इसके कारण नोटबंदी में भी खुदरा विक्रेता सब्जियां खरीदने में परेशानी नहीं हुई. दूसरी ओर, खुदरा विक्रेताओं की बिक्री शादी-ब्याह को लेकर जोरों पर है.
अब हालात सुधरने लगे हैं
नोटबंदी के बाद शुरू में काफी परेशानी हुई. अब हालात सुधरने लगे हैं. लेकिन, इस मौसम में सब्जियों की आवक अधिक हो जाती है. इससे सब्जियों के दाम में गिरावट लाजमी है.
मो. रसीद, खुदरा विक्रेता
थोक में भी कम में बिक रही सब्जी
सब्जियों की खेती होने की वजह से थोक में भी कम मूल्यों पर सब्जियों की बिक्री हो रही है. लेकिन, थोड़ा बहुत तो असर पड़ा ही है. जिसे शादी व ब्याह को लेकर खरीदारी करनेवाले लोग पूरा कर दे रहे हैं.
मो. इमतियाज, थोक विक्रेता
सब्जी की मात्रा बढ़ गयी है
नोटबंदी के बाद बड़े नोटों की वजह से परेशानी हो रही थी. लेकिन अब रसोई में सब्जियों की मात्रा बढ़ गयी है. वहीं, खरीदारी करने में कोई परेशानी नहीं हो रही है.
राजकुमारी देवी, गृहणी
रसोई में नोटबंदी का असर अब नहीं है
घरेलू रसोई में नोटबंदी का खास असर नहीं रहा है. जो परेशानी हुई वह पहले कुछ दिनों तक ही हुई. अब हालात बहुत सुधर गये हैं.
शारदा देवी, गृहणी
खुदरा बाजार में दाम
सब्जी 20 दिन पहलेअब
बैगन 30-35 15-20
टमाटर 25-30 18-20
परवल 20 30
करेला 20 30
भिंडी 10-1540
मटर 20040
बिन्स 25-3025-30
शिमला मिर्च 25-3020
बरबट्टी 15-2030
चुकुंदर 30 30
धनिया पत्त 100 20
पालकी साग 140 20
पालक साग 4020
प्याज 10 18
नोट : दर रुपये में प्रति किलो
सब्जियों के दाम
सब्जी 20 दिन पूर्व अब
फूल गोभी 5-1510-20
पत्ता गोभी 1520
लौकी 30-3520
नोट : दर रुपये प्रति पीस
घटायी गयी आधार बीज की कीमत
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