आलू गया बीस के पार

Published at :10 Jul 2016 11:58 PM (IST)
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आलू गया बीस के पार

महंगाई की मार. कालाबाजारी से बढ़ी आलू की कीमत बक्सर : जिले के नया भोजपुर से सटे इलाकों में आलू का उत्पादन अच्छा खासा होता है. इसके अलावा जिले से सटे यूपी के बलिया और गाजिपुर के कुछ जगहों पर आलू की पैदावार होती है. फिर भी आलू का रेट प्रति किलो कहीं बीस तो […]

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महंगाई की मार. कालाबाजारी से बढ़ी आलू की कीमत

बक्सर : जिले के नया भोजपुर से सटे इलाकों में आलू का उत्पादन अच्छा खासा होता है. इसके अलावा जिले से सटे यूपी के बलिया और गाजिपुर के कुछ जगहों पर आलू की पैदावार होती है. फिर भी आलू का रेट प्रति किलो कहीं बीस तो कहीं 21 रुपये बिक रहा है़ जिससे गरीबों की जेब पर बुरा असर पड़ रहा है़ बता दें कि हर साल यहां से उत्पादित आलू पर्याप्त मात्रा में जिले में पहुंचता है, जिसके कारण आलू के भाव नियंत्रित रहता है. पिछले साल आलू के भाव में काफी नरमी थी.
किसानों के अनुसार उन्हें आलू बिक्री के बाद लागत तक नहीं निकला था. ऐसे में किसानों ने इस बार उत्पादन में कमी कर दी, जिससे आलू के भाव में दुगुनी वृद्धि हो गयी है. हालांकि यह किसानों के अनुसार है. जब बात हम मंडी के थोक विक्रेताओं की करते हैं, तो उनका मत अलग है. उनके अनुसार किसान पिछले बार के भाव से सहमे हुए हैं, जिसके कारण कोल्ड स्टोरेज से आलू को नहीं निकाल रहे हैं और आलू के भाव में वृद्धि हुई है.
यानी मामला आलू के कालाबाजारी का भी हो सकता है, जिसकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, पर अब तक जिला प्रशासन ने कालाबाजारियों पर नकेल कसने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है.
छह माह तक रखा जाता है आलू : किसान उत्पादित आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं. जिले में दो कोल्ड स्टोरेज सूरज और दुर्गा कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं. इसके अलावा यूपी के मिर्जाबाद स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज और लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज में भी आलू रखते हैं. फरवरी से जुलाई माह यानी छह माह तक किसान आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं. इस दरम्यान आलू को बाजार के लिए निकाला भी जाता है. कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधकों के अनुसार इस बार आलू रखनेवाले लोगों की संख्या कम है. ऐसे में आलू के भाव में वृद्धि होना स्वाभाविक है.
क्या कहते हैं लोग : कुमार अनुराग ने कहा कि आलू के बढ़े हुए भाव से खरीदारी कम हो गयी है. थालियों में कम आलू परोसा जा रहा है. सरकार को आलू के भाव को नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय सोचना चाहिए.
विजय कुमार रजक ने कहा कि आलू सब्जियों का मित्र है, पर इसके भाव बढ़ने से इसका साथ अन्य सब्जियों से छूटने लगा है. आलू की खरीदारी काफी कम हो गयी है.
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