विरोध. दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के कारण निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Apr 2016 2:22 AM (IST)
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चार दिनों में 60 लाख का नुकसान दस्तावेज नवीसो की अनुज्ञप्तियों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू शांतिपूर्ण व पूर्व सूचना सरकार को देकर हमलोगों ने हड़ताल की दस्तावेज नवीस संघ के अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण और पूर्व सूचना सरकार को देकर उन्होंने कलमबंद हड़ताल की थी. न कि निबंधन कार्यालय के सामने कोई […]
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चार दिनों में 60 लाख का नुकसान
दस्तावेज नवीसो की अनुज्ञप्तियों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
शांतिपूर्ण व पूर्व सूचना सरकार को देकर हमलोगों ने हड़ताल की
दस्तावेज नवीस संघ के अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण और पूर्व सूचना सरकार को देकर उन्होंने कलमबंद हड़ताल की थी. न कि निबंधन कार्यालय के सामने कोई धरना-प्रदर्शन या काम का विरोध किया था, जिससे राजस्व क्षति सरकार को हो. ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा अनुज्ञप्ति रद्द करने की दंडात्मक कार्रवाई करना घोर निंदनीय और कानूनन गलत है.सरकार के इस फैसले के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर चुका है और पटना उच्च न्यायालय में सरकार के खिलाफ एक दो दिनों में याचिका दायर कर दी जायेगी.
क्या कहते हैं जिला निबंधक
जिला स्तर पर दस्तावेज नवीसों ने दो दिनों की हड़ताल की सूचना दी थी.हालांकि हड़ताल पर जानेवाले दस्तावेज नवीसों की अनुज्ञप्तियों को रद्द किये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और इसका पत्र जिलाधिकारी रमण कुमार को भेज दिया गया है.
उन्होंनेबताया कि निबंधन कराने के इच्छुक लोगों के लिए मॉडल डीड बनाया गया है, जिसे लेकर कोई भी व्यक्ति नाम-पता भर कर तथा अन्य जानकारियां देकर अपना निबंधन स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से करवा सकता है. दस्तावेज नवीसों द्वारा लिखी गयी कोई भी डीड किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जायेगी. उन्होंने बताया कि शीघ्र ही में आइ हेल्प यू काउंटर बनाने की व्यवस्था करने की तैयारी चल रही है.
मनोज कुमार संजय, निबंधन कार्यालय के जिला निबंधक
प्रदेश सहित बक्सर जिले में भी दस्तावेज नवीसों की हड़ताल दो दिनों तक जारी रही़ इस हड़ताल के कारण लगभग 60 लाख रुपये का नुकसान सरकार को बक्सर जिले से हुआ है. वहीं, सरकार के निर्णय के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ पटना हाइ कोर्ट जाने की तैयारी में है़
दस्तावेज नवीस संघ पटना उच्च न्यायालय में दायर करेगा मामला
बक्सर : निबंधन कार्यालय में दो दिनों की दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के कारण जहां 30 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है. वहीं, हड़ताल समाप्ति के बाद भी विभागीय निर्देशों के बंधन से दस्तावेजों की रजिस्ट्री नहीं होने से और 30 लाख रुपये का नुकसान हो गया है.
कुल चार दिनों में 60 लाख रुपये राजस्व की क्षति सिर्फ बक्सर जिले में हुई है. साथ ही जिले में काम करनेवाले 99 दस्तावेज नवीस तथा 50 प्रशिक्षु दस्तावेज नवीस की रोजी-रोटी और नौकरी पर भी संकट आ पड़ा है, जिसके कारण आबाद रहनेवाला निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है. निबंधन कार्यालय में काम करनेवाले अवर निबंधक समेत निबंधन कर्मी भी लोगों की बाट जोह रहे हैं, पर उन्हें कोई आदमी रजिस्ट्री करनेवाला नहीं मिल रहा है.
हड़ताल के दो दिन बाद मात्र दो रजिस्ट्री : दो दिनों की दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के बाद के दो दिनों के कार्य दिवस में मात्र दो लोगों के जमीन मारगेज का काम किया गया, जिसके कारण न सिर्फ निबंधक, बल्कि विभाग के कर्मी भी सन्नाटे में बैठ कर समय काटने को विवश हैं.
इधर, दस्तावेज नवीसों की अनुज्ञप्ति को रद्द करने की दिशा में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है, जिससे सरकार और न्यायालय आमने-सामने होने की स्थिति में आ गये हैं. जिले में अब तक सरकार के निर्देश के बाद भी में आइ हेल्प यू बूथ नहीं खोला गया है, जिससे निबंधन कराने के इच्छुक लोग परेशान हो रहे हैं.
निबंधन महानिरीक्षक को दी थी हड़ताल करने की चेतावनी : 17 मार्च, 2016 को बिहार दस्तावेज नवीस संघ ने राज्य के प्रधान सचिव और निबंधन महानिरीक्षक को पत्र लिख कर 30 और 31 मार्च को कलमबंद हड़ताल करने की सूचना दी थी और उस पत्र में बिहार दस्तावेज नवीस संघ ने यह भी कहा था कि 13 मार्च को निबंधन कार्यालय, गया में सभी शाखा अध्यक्षों और पदाधिकारियों की एक चेतावनी रैली का आयोजन किया गया था और उसके बाद ही सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि 30 और 31 मार्च को दो दिनों की कलम बंद हड़ताल दस्तावेज नवीस पूरे प्रदेश में करेंगे.
दस्तावेज नवीसों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि राज्य सरकार निबंधन प्रणाली को ऑनलाइन करने की आड़ में दस्तावेज लेखकों को उनके पुश्तैनी और पुराने व्यवसाय से दूर करना चाहती है. साथ ही दस्तावेज नवीसों की पहले से पांच मांगे दस्तावेज लेखक कल्याण कोष की स्थापना करने,
दस्तावेज लेखकों के पारिश्रमिक को पुर्ननिर्धारित करने तथा प्रशिक्षु दस्तावेज लेखकों को बिना शर्त दस्तावेज लेखक की अनुज्ञप्ति प्रदान करने और दस्तावेज लेखकों के निबंधन कार्यालय में बैठने और काम करने के लिए शेड का निर्माण करने जैसी मूलभूत मांगे थीं. इसी पत्र के आलोक में दस्तावेज नवीसों ने दो दिनों की कलमबंद हड़ताल 30 और 31 मार्च को की. इस हड़ताल के दौरान दस्तावेज नवीसों ने अपनी कमल बंद रखी. लेकिन, निबंधन कार्यालय के किसी काम का विरोध नहीं किया न ही धरना-प्रदर्शन किया. शांतिपूर्ण ढंग से दस्तावेज लेखकों ने अपनी कमल बंद रखी.यही सांकेतिक हड़ताल रही.
अब कोई भी मॉडल डीड भर कर करा सकता है रजिस्ट्री : राज्य सरकार के प्रधान सचिव और निबंधन महानिरीक्षक को दिये गये 30-31 मार्च के आंदोलन के ज्ञापन के बाद निबंधन महानिरीक्षक कुंवर जंग बहादुर ने 28 मार्च, 2016 को सभी जिलाधिकारियों और जिला निबंधकों को पत्र भेज कर हड़ताल किये जाने की सूचना दे दी.
साथ ही उस पत्र में निबंधन महानिरीक्षक ने यह भी निर्देशित किया कि इस हड़ताल में जो भी दस्तावेज नवीस चिह्नित किये जाये उनकी अनुज्ञप्ति को निरस्त कर दिया जाये.साथ ही निबंधन कार्यालय का काम दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के कारण किसी भी सूरत में बाधित नहीं हो. इस पत्र के बाद हड़ताल समाप्ति के बाद एक अप्रैल को सरकार के प्रधान सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारियों और जिला निबंधकों को अपने पत्रांक 4/एम-1-29/2016-1699 दिनांक 1.4.16 को पत्र लिख कर यह सूचित किया,
जिसमें कहा गया कि 30 और 31 को बिहार राज्य के सभी डीड राइटर बिना पूर्व सूचना के औचक हड़ताल पर चले गये, जिससे राजस्व की काफी क्षति हुई और साथ ही जनता को भी परेशानी हुई.ऐसी हालत में हड़ताल पर गये सभी डीड राइटर की अनुज्ञप्तियों को रद्द किया जाये और जनता को यह अधिकार होना चाहिए कि लोग अपनी सुविधा अनुसार निबंधन दस्तावेज बना कर जमीनों का निबंधन स्वयं करा लें. इस पत्र में सभी जिलों में में आइ हेल्प यू बूथ भी खोलने का निर्देश दिया गया, जो जनता को समझाने का काम करेगा.साथ ही मॉडल डीड बना कर बेवसाइट पर डाला जाये, ताकि उसे भर कर लोग निबंधन करा सकें, जिससे डीड राइटर पर से निर्भरता समाप्त हो जाये.
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