मौत को दावत. सड़कों पर जमी धूल से बढ़ रहा है शहर में प्रदूषण व बीमारी

Published at :03 Mar 2016 5:49 AM (IST)
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मौत को दावत. सड़कों पर जमी धूल से बढ़ रहा है शहर में प्रदूषण व बीमारी

धूल कर रही स्वस्थ शरीर को बीमार घर से बाहर निकले नहीं की कई तरह की बीमारियों की चपेट में आप आ गये़ शहर की सड़कों पर धूल से संक्रमण की बीमारी व हादसे होना आम बात हो गयी है़ सड़कों पर जमी धूल के कारण हर रोज सदर अस्पताल में लोग श्वांस संबंधी बीमारियों […]

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धूल कर रही स्वस्थ शरीर को बीमार

घर से बाहर निकले नहीं की कई तरह की बीमारियों की चपेट में आप आ गये़ शहर की सड़कों पर धूल से संक्रमण की बीमारी व हादसे होना आम बात हो गयी है़ सड़कों पर जमी धूल के कारण हर रोज सदर अस्पताल में लोग श्वांस संबंधी बीमारियों को लेकर पहुंच रहे हैं़ वहीं, सड़कों की सफाई को लेकर नगर पर्षद मौन है़
बक्सर : बक्सर शहर को धूलों का शहर कहा जाये, तो कोई गलत नहीं होगा. वैसे तो इस धार्मिक नगरी के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राय: सड़कों पर धूल उड़ती ही है, मगर शहरी क्षेत्र में भी धूल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. धूल के कारण न सिर्फ लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, बल्कि अब तक कई लोगों की जान भी चली गयी है.
बड़े वाहनों के पीछे या गाड़ियों के साइड से गुजरनेवाले बाइक या साइकिल सवार धूल से फिसल कर गिर जाते हैं, और कई बार उनकी जान भी चली गयी है. कई बार तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने के बाद धूल इतना अधिक उड़ती है कि कुछ दिखाई नहीं देता और हादसा हो जाता है.
किन-किन क्षेत्रों में उड़ती है धूल
बक्सर के क्षेत्र. बक्सर-चौसा रोड पर, शहर के गौरक्षणी गेट से विशाल मेगामार्ट तक, बाइपास रोड स्थित कटिया पुल टूटने से बना डायवर्सन व नाथ बाबा मंदिर के पास बने डायवर्सन पर, इटाढ़ी गुमटी से पीसी कॉलेज तक, सिंडिकेट से चुरामनपुर तक एनएच 84 पर बक्सर-पटना मार्ग पर, गोलंबर से वीर कुंवर सिंह सेतु तक, विराट नगर से जेल पइन रोड तक, स्टेशन रोड से चीनी मिल गुमटी तक,अांबेडकर चौक से समाहरणालय गेट तक, मॉडल थाना से लेकर चरित्रवन तक.
डुमरांव अनुमंडल में : रामगढ़ चौक से डुमरांव अनुमंडल कार्यालय तक,शहीद गेट से नया थाना मुख्य मार्ग तक, राज हाइस्कूल की बगल के सड़क से बड़ा बाग तक, जंगली शिव जी के मंदिर से चाणक्या कॉलोनी तक,अभ्यासार्थ मध्यविद्यालय से लेकर ठठेरी बाजार तक. इन क्षेत्रों से धूल के कारण गुजरना मुश्किल हो जाता है़ इसके अतिरिक्त डुमरांव और बक्सर अनुमंडल के तमाम ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें धूल से भरी रहती हैं, जहां कभी सफाई नहीं होती. धूल हटाने के लिए गांव के लोग भी कोई प्रयास नहीं करते.बक्सर से डुमरांव जाने के रास्ते में नदांव सड़क पर, बक्सर गोलंबर से शिव मंदिर तक,गंगा बांध पर बनी ढलाई रोड पर तथा गोलंबर स्थित चेक पोस्ट से अहिरौली गांव तक, औद्योगिक क्षेत्र में अहिरौली गांव तक तथा मॉडल थाना से लेकर रामरेखा घाट और तड़का नाला तक अगर गुजर जाएं, तो धूल से आप बच नहीं पाइयेगा.
धूल से कौन-कौन सी होतीं हैं बीमारियां
धूल के कारण ब्रोनकाइटिस, सीने का इंफेक्शन, खांसी, सिर दर्द, गले में ख्रास, साइनस तथा श्वांस की कई बीमारियां हो जाती हैं. इन बीमारियों से मौत नहीं होती, मगर शरीर में अन्य कई तरह की बीमारियां पैदा हो जातीं हैं.
कैसे करें बचाव : इस संबंध में सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक और फिजिशियन डॉ राजेश कुमार कहते हैं कि नाक पर रुमाल रख कर और महिलाएं नाक को साड़ी से ढंक कर चलें, तो धूल की बीमारी से बचा जा सकता है. साथ ही बाजार में उपलब्ध माउथ कैप और नोजल कैप का इस्तेमाल करके भी धूल की बीमारियों से बचा जा सकता है.डॉ कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज सिर्फ धूल के कारण श्वसन की परेशानी को लेकर आते हैं.
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