शिक्षकों में जगी समान काम समान वेतन की उम्मीद

Updated at : 30 Jan 2018 5:25 AM (IST)
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शिक्षकों में जगी समान काम समान वेतन की उम्मीद

डुमरांव : सुप्रीम कोर्ट के समान काम समान वेतन पर रखे विचार से नियोजित शिक्षक खुश हैं. शिक्षकों का कहना है कि आगे हमारी जीत होगी. बिहार सरकार हमारी उचित मांग को मान ले नहीं तो न्याय हमारे साथ होगा. सुप्रीम कोर्ट के विचार पर डॉ मनीष कुमार शशि, स्वेत प्रकाश, रामाशंकर, विमल कुमार, संतोष […]

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डुमरांव : सुप्रीम कोर्ट के समान काम समान वेतन पर रखे विचार से नियोजित शिक्षक खुश हैं. शिक्षकों का कहना है कि आगे हमारी जीत होगी. बिहार सरकार हमारी उचित मांग को मान ले नहीं तो न्याय हमारे साथ होगा. सुप्रीम कोर्ट के विचार पर डॉ मनीष कुमार शशि, स्वेत प्रकाश, रामाशंकर, विमल कुमार, संतोष यादव, सीमा ओझा, मीरा सिंह, अमित कुमार, बलवंत सिंह, तूफान जी, पूनम, प्रतिमा, धर्मेंद्र राम, राम कुमार, संदीप ओझा ने खुशी जाहिर की. वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने समान काम, समान वेतन के नियोजित शिक्षकों के पक्ष में दिये फैसला को रोक लगाने की मांग को ठुकरा दिया है.

सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों को अवैध ठहराने की मांग को भी खारिज करते हुए बिहार सरकार को फटकार लगायी. कोर्ट ने कहा कि बहाली करने के समय सरकार कहां थी. जब समान काम समान वेतन की मांग मांगने के बाद सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है.

इन्हीं शिक्षकों के पढ़ाये छात्र अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा कर रहे हैं. फिर ये शिक्षक एक ही विद्यालय में एक तरह के बच्चों को वही किताब पढ़ाते हैं, फिर वेतन में विसंगति क्यों. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ डुमरांव के प्रखंड अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद ने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता को छोड़ सरकार और बिहार की गरिमा का ख्याल करते हुए शिक्षक, शिक्षा और शिक्षार्थी के हक को अविलंब लागू करें. सुप्रीम कोर्ट के सकारात्मक रूख से शिक्षकों में हर्ष है. प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि हम शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से सरकार से अपनी मांग मांगने का काम करते रहेंगे.

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