बरसे मेघ, तो खेतों में पड़े किसानों के डेग
Updated at : 11 Jul 2017 6:44 AM (IST)
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धन्यवाद इंद्रदेव. बारिश ने गरमी से दिलायी निजात, खेतों में बिचड़ा डालने पहुंचे किसान मुरझाये धान के बिचड़ों में आयी जान, तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम बक्सर : सावन के पहले दिन खूब बरसे मेघ. सुबह से हो रही बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया है. मॉनसून की पहली बारिश में मेघ […]
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धन्यवाद इंद्रदेव. बारिश ने गरमी से दिलायी निजात, खेतों में बिचड़ा डालने पहुंचे किसान
मुरझाये धान के बिचड़ों में आयी जान, तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम
बक्सर : सावन के पहले दिन खूब बरसे मेघ. सुबह से हो रही बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया है. मॉनसून की पहली बारिश में मेघ इतना बरसा कि किसान से लेकर सभी खुश नजर आये. बारिश ने जहां गरमी से निजात दिलायी है. वहीं, किसानों को खेतों की तरफ दौड़ने के लिए मजबूर कर दिया. पूरे दिन हो रही बारिश से शहर में कई जगहों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी, जिससे यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ा. बारिश के कारण ऑफिस
और कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति कम रही. सुबह से ही झमाझम बारिश होने के कारण लोग ऑफिस समय से नहीं पहुंच सके. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ लगी रही. बारिश के कारण जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. सुबह से ही बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति ठप रही है, जिससे लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी. बारिश से मुरझाये पड़े धान के बिचड़ों में जान आ गयी है. बारिश को देखते हुए ट्रेनों की गति भी कम कर दी गयी है. मौसम विभाग की मानें, तो तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा.
गरमी से मिली निजात, लोगों ने ली राहत की सांस : आग उगल रहे सूर्य देव की गरमी ने लोगों को परेशान कर रखा था. सावन के पहले दिन सोमवार को इंद्र देवता की मेहरबानी से जमकर मेघ बरसे, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली. शनिवार से ही आकाश में बादल छाये हुए थे और हल्की बूंदाबांदी हो रही थी. सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और जमकर हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया. घरों से बाहर निकलकर बच्चों व बड़ों ने मौसम का लुत्फ उठाया.
बारिश से मुरझा रही फसलों में आयेगी जान : किसान राधेश्याम तिवारी ने बताया कि फिलहाल किसान बिचड़ा बचाने के लिए पंपसेट चला रहे थे. बारिश ने संजीवनी का काम किया है. अब किसान रोपनी का कार्य जल्द शुरू करेंगे. पिछले दिनों से किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाये बैठे थे, लेकिन बादल दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे थे. अब सावन की झड़ी किसानों को सुकून देगी.
20 से 25 दिन के बीचड़े का किसान करें उपयोग : धान की अच्छी उपज के लिए किसानों के लिए सुनहरा मौका है. जिले में धान की रोपाई के लिए उपयुक्त समय है. जिले में लगातार हो रही बारिश से धान की रोपाई आसानी से की जा सकती है. अच्छी उपज के लिए धान के 20 से 25 दिन की नर्सरी में तैयार पौधे को किसान अपने खेतों में लगाएं. इससे धान के इन छोटे पौधे से कल्ले ज्यादा की संख्या में निकलेंगे. ज्यादा कल्ले निकलने से धान में बालियां भी ज्यादा संख्या में लगेंगी. इससे प्रति एकड़ उत्पादित धान की दर में भी अच्छी वृद्धि होगी.
झमाझम बारिश ने दी राहत, किसानों के खिल उठे चेहरे: रविवार से शुरू हुई बारिश के बीच किसान अपने खेतों को तैयार कर बुआई की तैयारी में लगे
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