101 करोड़ की लागत से बनेंगे सात जलमीनार

Updated at : 08 Jun 2017 1:24 AM (IST)
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101 करोड़ की लागत से बनेंगे सात जलमीनार

योजना. शहर में 87 किलोमीटर तक बिछेगी पाइप लाइन पहले चरण में तीन जलमीनार बनाने का काम शुरू हर घर नल का जल योजना के तहत होगा निर्माण बक्सर : केंद्र सरकार के अमृत योजना के तहत बक्सर शहर के घरों में 24 घंटे निर्बाध पानी की आपूर्ति की जायेगी. नगर परिषद में 101 करोड़ […]

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योजना. शहर में 87 किलोमीटर तक बिछेगी पाइप लाइन

पहले चरण में तीन जलमीनार बनाने का काम शुरू
हर घर नल का जल योजना के तहत होगा निर्माण
बक्सर : केंद्र सरकार के अमृत योजना के तहत बक्सर शहर के घरों में 24 घंटे निर्बाध पानी की आपूर्ति की जायेगी. नगर परिषद में 101 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति योजना पर काम शुरू हो चुका है. कार्य एजेंसी ने किला मैदान स्थित पुराना बस पड़ाव के समीप ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा कर लिया है. वहीं आइटीआइ फील्ड व बाजार समिति स्थित वेयर हाउस के गोदाम के पास ट्यूबवेल, पंप हाउस व चहारदीवारी का निर्माण पूरा कर लिया गया है. दोनों जगहों पर जलमिनार का निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा.
इसके लिए डिजाइन स्वीकृत हो चुकी है. योजना के तहत पूरे शहर में 87 किलोमीटर जलापूर्ति पाइप लाइन बिछायी जायेगी. जबकि, नगर के सात स्थानों पर जलमिनार बनाये जायेंगे. प्रत्येक जलमीनार की स्टोरेज क्षमता 2 लाख 25 हजार गैलन रहेगी. योजना के अनुसार नगर पर्षद के 34 वार्डों में जलापूर्ति पाइप लाइन से घर-घर को जोड़ा जायेगा.
शहर पिछले बीस वर्ष से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. नीतीश सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम में इस योजना को शामिल किया गया है. इसे पूरा करने के लिए एक साल की मियाद तय की गयी है.
सात स्थानों पर बनेंगे जलमिनार: अमृत योजना पर कार्य कर रही एजेंसी गणाधिपति कंस्ट्रक्शन को पेयजल आपूर्ति कराने के लिए नगर के सात स्थानों पर जलमिनार बनाने का निर्देश दिया गया है. लेकिन, पहले चरण में नगर पर्षद ने उसे तीन स्थानों पर जलमिनार बनाने की मंजूरी दी. इसमें पुराना बस पड़ाव, बाजार समिति स्थित व आइटीआइ फील्ड शामिल है. उक्त तीनों स्थानों पर जलमिनार बनाने के बाद अन्य स्थानों पर निर्माण की अनुमति दी जायेगी. इसके बाद एजेंसी एक-एक घर को पाइप लाइन से जोड़ने का काम प्रारंभ करेगी. जलापूर्ति के लिए नागरिकों को नगर परिषद को कोई शुल्क अदा करना नहीं होगा.
दो दशकों से पेयजल समस्या बरकरार: शहर में पिछले बीस वर्ष से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है. लगभग 50 साल पुराने बिछे जलापूर्ति के पाइप जंग खाकर सड़ चुके हैं. जगह-जगह फटे पाइपों से घर में गंदा पानी आता है. वहीं, शहर के दो तिहाई भागों में जलापूर्ति पिछले कई वर्षों से बंद है. सात निश्चय कार्यक्रम में जलापूर्ति को शामिल किये जाने के बाद नगर आवास विकास विभाग ने शहरी इलाकों में चापाकल लगाने की व्यवस्था समाप्त कर दी है.
किला मैदान स्थित पुराना बस स्टैंड परिसर में जलमीनार निर्माण कार्य में लगे मजदूर.
इन स्थानों बनेंगे जलमिनार
पुराना बस पड़ाव, आइटीआइ फील्ड, बाजार समिति, खलासी मोहल्ला, सोहनीपट्टी, सिंडिकेट नहर क्षेत्र, छोटकी सारिमपुर.
चल रहा कंप्रेशर का काम
शहर को तीन जोन में विभाजित कर कार्य शुरू किया है. बाजार समिति व आइटीआइ फील्ड के पास कार्यस्थल पर ट्यूबवेल व पंप हाउस बनवा लिया गया है. जीप स्टैंड के निर्मित ट्यूबवेल को कंप्रेशर का कार्य किया जा रहा है.
इकबाल, सहायक अभियंता, गणाधिपति कंस्ट्रक्शन
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