दहशत व दर्द के साथ बक्सर पहुंचे यात्री
Updated at : 07 Jun 2017 4:16 AM (IST)
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हमला. अर्चना एक्सप्रेस के बक्सर पहुंचते ही स्टेशन पर मची अफरा-तफरी हमले में कई यात्रियों का फटा सिर, किसी तरह से हुआ इलाज बक्सर : दानापुर-मुगलसराय रेलखंड के आरा रेलवे स्टेशन पर राजेंद्र नगर से जम्मूतवी को जानेवाली अप अर्चना एक्सप्रेस पर बेरोजगार युवकों के प्रदर्शन व पत्थरबाजी की. इस घटना में यात्रियों को काफी […]
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हमला. अर्चना एक्सप्रेस के बक्सर पहुंचते ही स्टेशन पर मची अफरा-तफरी
हमले में कई यात्रियों का फटा सिर, किसी तरह से हुआ इलाज
बक्सर : दानापुर-मुगलसराय रेलखंड के आरा रेलवे स्टेशन पर राजेंद्र नगर से जम्मूतवी को जानेवाली अप अर्चना एक्सप्रेस पर बेरोजगार युवकों के प्रदर्शन व पत्थरबाजी की. इस घटना में यात्रियों को काफी चोटें आयीं. बक्सर स्टेशन पर पहुंचे अर्चना एक्सप्रेस के यात्रियों के चेहरे पर हादसे का मंजर साफ दिख रहा था. सर में गहरे जख्म से कई यात्री बदहवास थे, तो कई घायल यात्री अब तक दर्द से कराह रहे थे. बक्सर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर ट्रेन मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे पहुंची. ट्रेन के पहुंचने के बाद रेलकर्मियों और प्रशासन की टीम यात्रियों की मदद को तत्पर दिखी.
ट्रेन से उतरे हर यात्री की जुबान पर खौफ की कहानी थी, तो आंखों में दहशत के आंसू. मंगलवार का सूरज उनके लिए मातम का सबेरा लेकर आया था. दर्द से कराह रहे सीट के नीचे दुबके यात्रियों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था. घटना की विभीत्सता यह बता रही थी कि जो लोग घायल हुए हैं, उन्हें हादसे को भूलना शायद संभव न होगा, लेकिन प्रशासन राहत के मरहम लगाने में लगा था.
दर्द से कराह रहे थे सतनाम का फट गया था सिर : एस-वन बोगी में सवार सतनाम सिंह को भी हादसे में काफी चोट आयी थी. दर्द और गम से बिलखते सतनाम ने ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही दर्द के इंजेक्शन लगाने को कहा. मेडिकल टीम के द्वारा विनोद का उपचार किया गया. स्टेशन पर जो लोग घायल होकर आये वे घटना का खौफनाक मंजर बताते दिखे. बोगी में सवार बिहारशरीफ के राधेश्याम और अर्चना ने बताया कि इस तरह की घटना उन्होंने कभी नहीं देखा था. उन्होंने बताया कि ट्रेन में अचानक ईंट व पत्थर आने से सभी लोग सहम गये थे, आखिर यह सब क्यों हो रहा है. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रही थी अब क्या किया जाये.
स्टिचिंग की नहीं थी व्यवस्था, लाचार दिखे डॉक्टर : स्टेशन पर आये हर यात्री अपने-अपने तरीके से हादसे का मंजर बयां कर रहा था. गहरे जख्मों के दर्द से कराह रहे मो़ सिराज, विशाल कुमार, वीरेंद्र सिंह, उषा देवी, विजय कुमार व अन्य ने डॉक्टरों से जख्मों में स्टिचिंग करने की गुहार लगायी, लेकिन डॉक्टरों ने असमर्थता जताई. इसके लिए डॉक्टरों ने कहा कि यात्रियों को स्टेशन पर उतरना होगा, लेकिन ट्रेन छूटने के डर से यात्री तैयार नहीं हुए. डॉक्टर भी कि बेहतर इलाज की व्यवस्था नहीं दे पाने के कारण लाचार दिखे.
अप में जा रही अर्चना एक्स. पर आरा में युवकों ने किया था हमला
बेटे के सिर में चोट देख मां को आया गश्त, ट्रेन में रहा दहशत का माहौल
पटना के नवरत्नपुर निवासी लालदास सिंह के बेटे अब्राह्म के सिर पर एक बड़ा सा पत्थर लगा था, जिससे वह बुरी तरह से जख्मी होकर गिर पड़ा था. सिर में चोट के कारण वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा था. इससे उसकी मां सुषमा देवी का रो रोकर हाल बुरा था. बक्सर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले वह तीन बार बेहोश हो गयी. आसपास के यात्रियों की मदद से किसी तरह उन्हें होश में लाया गया. बक्सर स्टेशन पर डॉक्टर अब्राह्म का इलाज कर रहे थे, तभी वह गश्त खाकर गिर पड़ी. सुषमा ने बताया कि वह एस-वन बोगी में सवार थी और जब हादसा हुआ, तो वह गहरी नींद में थीं. बताया कि पटना से अंबाला जाने के लिए वह ट्रेन में सवार हुई थीं, तब सबकुछ सामान्य था. अचानक सुबह नौ बजे हंगामा सा हुआ और एकाएक ट्रेन रुक गयी. तभी लोअर बर्थ पर सो रहा अब्राह्म बर्थ से गिर पड़ा. ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो. देखा तो बेटा खून से लथपथ था. सुषमा को लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया, तभी सुषमा को भी आंखों के पास एक पत्थर का टुकड़ा लगा. बक्सर स्टेशन पर आने के बाद दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया.
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