बिहार शिक्षक नियुक्ति: वार्षिक STET नहीं होने से रिक्तियां भरने में संकट, 10+2 में पद के बराबर भी आवेदन नहीं

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बिहार शिक्षक नियुक्ति: कक्षा एक से पांच तक में पदों की तुलना में चार से पांच गुना आवेदन आने की संभावना हैं. वहीं, कक्षा नौ से दस में आवेदन से कुछ ही अधिक और 11 व 12 वीं कक्षाओं की रिक्तियों के लिए पद के बराबर भी आवेदन आने की संभावना नहीं दिख रही है.

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Bihar Teacher Recruitment: बिहार में सालाना एसटीइटी नहीं होने से प्लस टू स्कूलों की रिक्तियों को भरने का संकट खड़ा हो गया है. विशेषकर उच्च माध्यमिक स्कूलों में घोषित खाली पदों की तुलना में आवेदनों की संख्या निराशाजनक रहने की संभावना है. इसकी वजह सालाना एसटीइटी नहीं होना ही है. बीपीएससी से जुड़े आधिकारिक जानकारों के मुताबिक शुक्रवार तक कुल आवेदनों की संख्या 6.70 लाख है. जबकि अब तक 7.68 लाख ने पंजीयन कराये हैं. इन आंकड़ों में तीन-चौथाई से अधिक आवेदन प्रारंभिक कक्षाओं से जुड़े बताये जा रहे हैं. यह आंकड़े शुक्रवार की शाम छह बजे तक का है.

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एक दशक में सिर्फ दो बार हुई एसटीइटी

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक लगभग एक दशक में केवल दो बार वर्ष 2012 और 2019 में एसटीइटी हुए हैं. 2019 में कक्षा नौ व 10 में सात विषयों और 11वीं व 12वीं में केवल सात विषयों का एसटीइटी हुआ था. अगर इन एसटीइटी पास अभ्यर्थियों को ही घोषित विद्यालय अध्यापकों की रिक्तियों का असल आवेदक मानें, तो यह स्थिति निराशाजनक है. क्योंकि, इस बार हायर सेकेंडरी के 30 विषयों के रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गये हैं. इस तरह आवेदकों की संख्या कम होने की वजह 2019 की एसटीइटी में कम विषयों की परीक्षा होनी है.

2012 में 29 विषयों का एसटीइटी हुआ था

जानकारी के मुताबिक केवल 2012 में अकेले कक्षा 11 व 12 में 29 विषयों का एसटीइटी हुआ था. उस समय के अधिकतर एसटीइटी पास की उम्र अधिक हो गयी अथवा किसी दूसरे फील्ड में चले गये. विशेषज्ञों का दावा है कि हर साल एसटीइट कराये बिना शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है. दूसरी तरफ, प्राइमरी कक्षाओं मसलन कक्षा एक से पांच में अभ्यर्थियों की कमी नहीं है. क्योंकि, केेंद्र का टीइटी साल में दो बार अनिवार्य तौर पर होता है. इसी का असर है कि प्राइमरी में शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या पद की कई गुना रहने की संभावना है.

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10+2 की रिक्तियों के लिए पद के बराबर भी आवेदन आने की संभावना नहीं

बिहार लोक सेवा आयोग के जरिये विद्यालय अध्यापकों की नियुक्तियों के लिए आवेदन की समय सीमा 15 जुलाई शनिवार को खत्म हो रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक कक्षा एक से पांच तक में पदों की तुलना में चार से पांच गुना आवेदन आने की संभावना हैं. वहीं, कक्षा नौ से दस में आवेदन से कुछ ही अधिक और 11 व 12 वीं कक्षाओं की रिक्तियों के लिए पद के बराबर भी आवेदन आने की संभावना नहीं दिख रही है. यह स्थिति चिंता की बात बन गयी है.

विशेष फैक्ट फाइल

  • कुल शिक्षक रिक्ति : 170461

  • 11 व 12वीं की रिक्ति : 57602

  • 9वीं और 10वीं की रिक्ति : 32916

  • एक से पांचवीं की रिक्ति : 79943

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