नालंदा का तेलमर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय भवन तय समय के बाद भी नहीं हुआ पूरा,पशुपालकों में नाराजगी

भवन निर्माण में लगे मजदूर
Biharsharif News : नालंदा जिले के तेलमर में निर्माणाधीन प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय भवन का कार्य निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है. भवन निर्माण कार्य की धीमी गति से क्षेत्र के पशुपालकों में नाराजगी है. जानें कब तक पूरा होगा निर्माण.
Biharsharif News : नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के तेलमर में निर्माणाधीन प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय भवन का कार्य निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है. भवन निर्माण कार्य इन दिनों धीमी गति से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों में नाराजगी है. निर्माण स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार भवन का निर्माण बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना की ओर से कराया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य का ठेका टुडे इलेक्ट्रिकल सर्विस को दिया गया है. इस परियोजना की कुल लागत 92 लाख 91 हजार 342 रुपये है. निर्माण कार्य 24 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था और इसे 19 अक्टूबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी भवन पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है. फिलहाल भवन में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है. परिसर का समतलीकरण भी तेजी से किया जा रहा है. जी+1 भवन का ढांचा तैयार हो चुका है, लेकिन अंतिम चरण के कई कार्य अभी शेष हैं.
ग्राउंड फ्लोर पर मिलेंगी उपचार की आधुनिक सुविधाएं
निर्माण पूरा होने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर डॉक्टर का चैंबर, लैब, स्टोर रूम सहित अन्य आवश्यक कक्ष बनाए जाएंगे. भवन के पीछे पशुओं के उपचार के लिए अलग शेड का निर्माण भी किया जा रहा है.
प्रथम तल पर चिकित्सक के रहने की होगी व्यवस्था
भवन के प्रथम तल पर पशु चिकित्सक के आवास की सुविधा उपलब्ध होगी. यहां बेडरूम, डाइनिंग हॉल, किचन, बाथरूम सहित अन्य कमरे बनाए जा रहे हैं, ताकि चिकित्सक की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.
समय पर निर्माण होता तो मिलती बेहतर सुविधा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन का निर्माण निर्धारित समय पर पूरा हो जाता तो हरनौत और कल्याण बिगहा स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालयों की तरह यहां भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो जातीं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को चौबीसों घंटे पशुओं के उपचार की सुविधा मिलती.
किराए के भवन से चल रहा अस्पताल
तेलमर सहित आसपास के गांवों के पशुपालकों ने बताया कि पशु चिकित्सालय वर्षों से किराए के मकान में संचालित हो रहा है. भवन की स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्धारित समय में निर्माण पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने निर्माण एजेंसी और संवेदक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया.
दो माह में पूरा होने की संभावना : डॉ. श्वेता रानी
अस्पताल की चिकित्सक डॉ. श्वेता रानी ने बताया कि निर्माण कार्य अगले दो माह में पूरा होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्पताल किराए के मकान से संचालित हो रहा है, जहां उनके अलावा नाइट गार्ड और परिचारी सहित कुल तीन कर्मी सेवाएं दे रहे हैं. इसके लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह किराया दिया जाता है. सीमित संसाधनों के बावजूद पशुपालकों और उनके मवेशियों को नियमित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है.
मजदूरी और सामग्री भुगतान नहीं मिलने का आरोप
निर्माण स्थल पर मौजूद मुंशी और अन्य लोगों ने ठेकेदार पर मजदूरी और सामग्री का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि लगभग डेढ़ वर्ष से मजदूरी, हार्डवेयर दुकानदारों के बालू, सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री तथा मिट्टी भराई का भुगतान लंबित है. कई बार मांग करने के बावजूद केवल टालमटोल किया जाता है और फोन तक रिसीव नहीं किया जाता.
उन्होंने आशंका जताई कि कहीं निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद ठेकेदार भुगतान किए बिना गायब न हो जाए.
भुगतान विवाद की जानकारी नहीं : चिकित्सक
मजदूरी और भुगतान से जुड़े आरोपों पर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. श्वेता रानी ने कहा कि इस मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई विवाद है तो उसका समाधान संबंधित विभाग ही कर सकता है.
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