बिहारशरीफ. विगत करीब तीन सप्ताह से कड़ाके की शीतलहर की चपेट में रहे नालंदा जिले के लोगों को बुधवार को भी सूर्य देव की कृपा से दिन के समय ठंड से कुछ राहत मिली. सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहे और तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया, लेकिन दोपहर होते-होते मौसम का मिजाज बदला और खिली धूप ने ठंड के असर को काफी हद तक कम कर दिया. दोपहर में धूप निकलने और हवा की रफ्तार कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली. कई दिनों बाद जिले का अधिकतम तापमान बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे मौसम कुछ सुहावना नजर आया. इसका असर यह रहा कि लोग घरों से बाहर निकले, धूप सेंकते नजर आए और बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई. हालांकि, यह राहत केवल दिन तक ही सीमित रही. दिन ढलते ही तापमान में गिरावट शुरू हो गई. शाम होते-होते तापमान लगभग 12 डिग्री तक पहुंच गया, वहीं रात्रि में तापमान के फिर से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में रात की ठंडक अब भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. पिछले एक सप्ताह से जिले का अधिकतम तापमान करीब 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था. वुधवार को धूप निकलने से भले ही दिन में ठंड का असर कम हुआ, लेकिन रात में अब भी कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिल सकी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिलेवासियों को अभी पूरी तरह से ठंड से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है. विभाग का कहना है कि 16 जनवरी तक ठंड और शीतलहर का प्रभाव बना रह सकता है. वहीं, स्थानीय लोगों का भी मानना है कि जनवरी माह में मकर संक्रांति तक ठंड का असर आमतौर पर अधिक रहता है. मंगलवार और वुधवार को निकली धूप ने जरूर लोगों को कुछ सुकून दिया है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर आने वाले दिनों में भी सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई है.
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